रानी की सराय। स्थानीय थाने के ऊंजी गोदाम (सहिगड़ा) गांव में शनिवार की रात में अराजकतत्वों ने डा.भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तोड़ कर फेंक दिया। रविवार की सुबह क्षतिग्रस्त प्रतिमा देखते ही दलित भड़क गए। नई प्रतिमा स्थापित करने के साथ ही अराजकतत्वों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुरुषों के साथ ही महिलाएं भी सामने आ गईं। महिलाओं के सामने आते ही पुलिस प्रशासन में भी हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची कई थाने की पुलिस फोर्स की मौजदूगी में नई प्रतिमा स्थापित की गई, तब कहीं जा कर दलितों का आक्रोश थमा।
रानी की सराय थाने के ऊंजीगोदाम-शाहखजूरा मार्ग पर स्थित सहिगड़ा गांव के मुख्य मार्ग पर वर्ष 2008 में बसपा शासन में दलितों ने चबूतरे का निर्माण करा कर डा.भीम राव अंबेडकर की भव्य प्रतिमा स्थापित की थी। शनिवार की रात अराजकतत्वों ने बाबा साहब की प्रतिमा को बुरी तरह क्षतिगस्त कर चबूतरे से नीचे फेंक दिया। सुबह डा.अंबेडकर की क्षतिग्रस्त प्रतिमा जमीन पर फेंकी हुई मिली तो दलित भड़क गए। पल भर में आस-पास के गांवों के दलितों की भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाएं भी घरों से निकल गईं। इस बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। इस पर रानी की सराय थानाध्यक्ष महेंद्र यादव आनन-फानन में मौके पर पहुंच गए। उनके पहुंचते ही आक्रोशित दलित अराजकतत्वों की गिरफ्तारी और नई प्रतिमा स्थापित करने की मांग को लेकर नारे-बाजी करने लगे। स्थिति बिगड़ती देख एसपी सिटी एके जैन, एसडीएम सदर आशुतोष निरंजन के साथ ही सीओ सिटी और निजामाबाद, गंभीरपुर थाने की पुलिस फोर्स भी पहुंच गई। घंटों पंचायत के बाद क्षतिग्रस्त प्रतिमा को दफन करने के साथ ही आनन-फानन में नई प्रतिमा मंगा कर स्थापित की गई। इस दौरान लगभग पांच घंटे तक पुलिस और दलितों के बीच नोंक-झोंक होती रही। थानाध्यक्ष महेंद्र यादव ने बताया कि डा.अंबेडकर मानव सेवा संस्थान की तरफ से दी गई तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।