जहानागंज। स्थानीय थाने के बड़हलगंज बाजार निवासी अधेड़ ने बीमारी से परेशान होकर फांसी लगाकर मौत को गले लगा लिया। मृत अधेड़ के गले में लंबे समय से कैंसर था। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। मृतक की पत्नी की मांग पर पुलिस ने पंचायत नामा कर शव को अधेड़ की पत्नी को सौंप दिया ।
जहानागंज थाने के बड़हलगंज गांव निवासी केदार कांदू पुत्र चौथी कांदू पिछले पांच साल से गले के कैंसर से पीडि़त था। आर्थिक तंगी के चलते वह इलाज कराने में बेबस हो गया। उसका इकलौता पुत्र सुनील कैंसर पीडि़त पिता को घर पर अकेले छोड़ कर पत्नी सहित मुंबई में रहता है। घर पर अकेले पड़े केदार की सेवा के लिए उसकी पत्नी रहती थी। चार दिन से वह भी अपने मायके चली गई थी। गुरुवार को सुबह कैंसर पीडि़त केदार के घर से बाहर न निकलने पर पड़ोसी उसे बुलाने को अंदर गए, तो कमरे में छत के चुले से उसकी लटकती हुई लाश पाई। सूचना पर गांव वालों की भीड़ घर पर एकत्रित हो गई। जानकारी मिलने पर पहुंची जहानागंज थाना पुलिस ने पड़ोसियों से पूछताछ के बाद शव को नीचे उतारा। सूचना मिलने पर मायके से रोती-विलखती मृतक की पत्नी के पहुंचने पर पुलिस ने शव को पंचनामा के बाद दाह संस्कार के लिए सौंप दिया। कैंसर पीडि़त पिता की मौत पर पुत्र सुनील भी मुंबई से परिवार सहित घर के लिए रवाना हो गया है।