आजमगढ़। हाईकोर्ट के सख्त रुख को देखते हुए पुलिस ने आपराधिक छवि वाले नेताओं से गनर वापस लेने की कवायद शुरू कर दी है। इससे रसूख वाले नेताओं में हड़कंप है। जिन्हें गनर मिले हैं उनमें से कई पर आपराधिक मामले भी हैं।प्रतिसार निरीक्षक लछीराम यादव के अनुसार जिले के 72 लोगों को सरकारी गनर उपलब्ध कराए गए हैं।
इनमें पंचायतीराज मंत्री बलराम यादव, परिवहन मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री वसीम अहमद, राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त रामाश्रय विश्वकर्मा, नफीस अहमद के अलावा विधायक और दो सांसद शामिल हैं। इनके अलावा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सुखदेव राजभर, पूर्व सांसद नंद किशोर यादव, पूर्व विधायक भोला पासवान, पूर्व सांसद अहमद अकबर डंपी, सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव आदि को मिलाकर कुल 41 सुरक्षा गार्ड लगाए गए हैं। शेष 31 जवान अन्य लोगों की सुरक्षा में हैं। इसमें ब्लाक प्रमुख चंद्रशेखर यादव, ब्लाक प्रमुख प्रमोद यादव, ब्लाक प्रमुख विजय यादव, ब्लाक प्रमुख पति राकेश यादव उर्फ गुड्डू शामिल है। पुलिस की मानें तो गुड्डू यादव के साथ तीन गनर लगे हैं। ठेकेदार अशोक सिंह और यशवंत सिंह को कोर्ट के आदेश पर गनर मिलेे हैं। इन माननीयों के पुराने रिकार्ड खंगालने पर कई ऐसे लोग सामने आएंगे, जिन पर कई आरोप पहले से लगे हुए हैं। पुलिस अधीक्षक अनंत देव ने कहा कि जिले के थानाध्यक्षों और एलआईयू के जरिए उन नेताओं के रिकार्ड मांगें गए हैं, जिन्हें किसी न किसी तरीके से गनर मिले हैं। ऐसे लोगों का आपराधिक रिकार्ड मिलने पर उनके गनर वापस लिए जाएंगे। इस सूची में वे लोग भी शामिल हैं, जिन्हें असलहे का लाइसेंस प्राप्त है। इसके बाद भी गनर लेकर चल रहे हैं। एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।