आजमगढ़। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार सिंह की अदालत ने मंगलवार को धोखाधड़ी किए जाने के मामले में एक आरोपी को दोषी पाते हुए सात वर्ष कैद की सजा सुनाई। साथ ही 40 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। जब कि इसी मामले का एक अन्य आरोपी बैजनाथ मुकदमा कार्रवाई के दौरान मौत हो गई थी। घटना मुबारकपुर थाना के सुराई गांव की है।
इस मामले में सुराई गांव निवासी स्व. शिवपूजन यादव की पत्नी रामरति देवी ने अदालत में मुकदमा दाखिल किया। मुकदमे में कहा कि उसका पति शिवपूजन यादव पल्हनी रेलवे स्टेशन पर विश्रामदाता पद पर कार्यरत था। 14 मार्च 1982 को उसकी मृत्यु हो गई। मृत्यु के बाद गांव के देवनाथ और बैजनाथ पुत्रगण धुरबिन यादव ने मृतक की पत्नी को पेंशन दिलाने में मदद की थी। मृतक का लड़का जब बड़ा हो गया तो अनुकंपा के आधार पर रेलवे में नौकरी की मांग की। जांच के बाद पता चला कि आरोपियों ने कागज में हेराफेरी कर रामरति का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर देवनाथ नौकरी कर रहा है। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से इस मुकदमे क ी वादी रामरति देवी, दसराज, रामधारी, भालचंद, शंभूनाथ श्रीवास्तव को बतौर साक्षी अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उभय पक्षों के तर्को को सुनने के बाद नामजद आरोपी देवनाथ को धोखाधड़ी किए जाने का दोषी पाते हुए उक्त सजा का निर्धारण किया।