तीन वर्षों में पौधरोपण के लिए मात्र 10 पट्टे
2015 और 16 में किसी गरीब को नहीं मिला आवास का पट्टा
अमर उजाला ब्यूरो
आजमगढ़। सरकार की ओर से गरीबों और भूमिहीनों को जिला प्रशासन के माध्यम से सरकारी और ग्राम समाज की भूमि का पट्टा किया जाता है। लेकिन विगत तीन वर्षों से पट्टा आवंटन में सबसे खराब स्थिति वर्ष 2015-16 की रही। इस दौरान एक भी गरीब और भूमिहीन को आवास के लिए जमीन का पट्टा नहीं किया गया। हालांकि इस अवधि में चार गरीबों में कृषि योग्य भूमि का पट्टा जरूर हुआ।
वर्ष 2014-15 में मेंहनगर तहसील में कृषि योग्य भूमि के दो, आवास के 12, सदर तहसील में कृषि के 37 और आवास के 16, बूढ़नपुर में आवास के छह, लालगंज में आवास के सात, सगड़ी में कृषि के 27 और आवास के 33, निजामाबाद में कृषि के 60 और आवास के 25, फूलपुर में कृषि के सात और आवास के 18 पट्टे हुए। लेकिन इस दौरान पौधरोपण के लिए किसी भी भूमि का पट्टा नहीं किया गया। इसी तरह से वर्ष 2015-16 में मेंहनगर तहसील में कृषि के एक और वृक्षारोपण के दो, बूढ़नपुर में वृक्षारोपण के लिए दो, लालगंज में कृषि के एक, सगड़ी में कृषि के दो और वृक्षारोपण के एक पट्टे का आवंटन किया गया। वहीं वर्ष 2016-17 में मेंहनगर तहसील में कृषि के एक, आवास के एक और वृक्षारोपण के तीन, सदर तहसील में आवास के चार, बूढ़नपुर में कृषि के सात और आवास के 15, लालगंज में कृषि के दो और आवास के 44 और वृक्षारोपण के एक, सगड़ी में कृषि के एक, आवास के 27 और वृक्षारोपण के चार, निजामाबाद में कृषि के तीन आवास के 47 और वृक्षारोपण के एक, फूलपुर में वृक्षारोपण के एक और मार्टीनगंज तहसील में कृषि के दो और आवास के चार पट्टों का आवंटन किया गया।