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रेगुलेटर से शुरू हुआ रिसाव, भयावह हुई घाघरा की स्थिति

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लाटघाट। देवरांचल में घाघरा का उफान दिन ब दिन भयावह होता जा रहा है। शनिवार को जमुवारी बाढ़ चौकी से आगे बैरहवा के पास रेगुलेटर से रिसाव भी शुरू हो गया। बीते चौबीस घंटे में बदरहुआ नाला गेज पर 15 सेमी और डिघिया गेज पर 12 सेमी जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। डिघिया गेज पर घाघरा का जलस्तर लाल निशान से 117 सेमी ऊपर पहुंच गया है। शारदा, बनबसा और गिरजा बैराजों से एक बार फिर 269000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जो एक-दो दिनों में देवरांचल में पहुंचेगा। इस पानी के पहुंचने के बाद देवरांचल में बाढ़ की स्थिति और भयावह हो जायेगी।
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शारदा, गिरजा और बनबसा बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद देवरांचल में घाघरा नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी का क्रम अभी भी जारी है। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जिसके चलते बंधे और रेगुलेटरों पर भी जलस्तर का दबाव पड़ने लगा है। जमुवारी बाढ़ चौकी के पास बैरहवा रेगुलेटर से शनिवार को रिसाव भी शुरू हो गया, जिससे बांध के दूसरी तरफ रहने वाले लोगों में भी हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही बाढ़ खंड के कर्मचारी मौके पर पहुंच गये और रिसाव रोकने की कवायद शुरू कर दी। डिघिया नाले पर शनिवार की शाम जलस्तर लाल निशान से 117 सेमी और बदरहुआ नाला गेज पर 72 सेमी ऊपर दर्ज किया गया। 24 घंटे में जलस्तर में बदरहुआ पर 15 सेमी और डिघिया पर 12 सेमी दर्ज की गई। जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी से ग्रामीण परेशान हो उठे और सुरक्षित स्थानों पर अपना आशियाना छोड़ कर जाने को मजबूर है।

सेमरी गांव के 65 परिवार हुए विस्थापित
लाटघाट। घाघरा की बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित महराजगंज ब्लाक क्षेत्र का सेमरी गांव है। इस गांव के 65 परिवार विस्थापित हो गये है, जो बंधा, प्राथमिक स्कूल व अन्य सुरक्षित स्थानों पर शरण लिए हुए है। ऐसा ही कुछ हाल हरैया ब्लाक क्षेत्र के देवारा खास राजा के त्रिलोकी का पुरवा का भी है। यहां के दर्जनों परिवार के लोग भी विस्थापित हो चुके है।
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चारो तरफ पानी से घिरे 150 मजरे
लाटघाट। घाघरा के बाढ़ की स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देवरांचल के डेढ़ सौ के लगभग मजरे बाढ़ के पानी से पूरी तरह से घिर चुके है। 60 हजार के लगभग आबादी बाढ़ से प्रभावित है। मजरों के चारो तरफ पानी लग जाने से अब लोगों को आवागमन की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है।

प्रशासन ने बढ़ायी नावों की संख्या
लाटघाट। देवरांचल में घाघरा के जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि और आपदा विभाग द्वारा अलर्ट जारी कर दिये जाने पर प्रशासन ने बाढ़ पीड़ितो की कुछ सुधि ली है। लोगों को हो रही आवागमन की समस्या से निजात दिलाने के लिए नावों की संख्या बढ़ा दी गई है। शनिवार से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में 32 नाव लगा दिये गये है।

एसडीएम ने किया बाढ़ चौकियों का निरीक्षण
लाटघाट। एसडीएम सगड़ी पंकज कुमार श्रीवास्तव ने शनिवार को बाढ़ चौकियों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान गांगेपुर बाढ़ चौकी पर ग्राम पंचायत अधिकारी राम मिलन, रोजगार सेवक अशोक कुमार, डॉ. बाबूलाल यादव, एएनएम सुभावती राय अनुपस्थित मिली। जिस पर एसडीएम ने इन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को पत्र लिखा। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों की हर स्तर पर मदद की जायेगी, जहां जैसी जरूरत होगी वैसे नाव की संख्या भी बढ़ायी जायेगी।

दस विद्यालयों में ठप हुआ पठन-पाठन
लाटघाट। बाढ़ का पानी भर जाने के कारण देवरांचल के दस परिषदीय विद्यालयो में पठन-पाठन का कार्य ठप हो चुका है। इन विद्यालयों पर तैनात शिक्षकों को जूनियर हाई स्कूल हाजीपुर, प्रावि और जूवि अराजी करखिया, प्रावि और जूवि हैदराबाद व जूनियर विद्यालय रौनापार पर बनाये गये बाढ़ राहत केंद्रों पर तैनात कर दिया गया है।
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