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संविधान की प्रति जलाए जाने के विरोध में दिया धरना, किया प्रदर्शन

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आजमगढ़। नौ अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर जाति विशेष के लोगों द्वारा संविधान की प्रतियां जलाए जाने के विरोध में शनिवार को लोकतांत्रिक जनता दल और अखिल भारतीय अनुसूचित जाति, जनजाति कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन ने अलग-अलग धरना प्रदर्शन कर विरोध प्रदर्शित किया। अंत में दोनों संगठनों के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। संविधान की प्रतियों को जलाए जाने के विरोध में लोकतांत्रिक जनता दल द्वारा रिक्शा स्टैंड में धरना दिया गया। धरने को संबोधित करते हुए प्रदेश महासचिव लाल बहादुर त्यागी ने कहा कि जिन लोगों ने संविधान की प्रतियों को जलाने का काम किया है उन्होंने यह साबित कर दिया कि वह भारत के संविधान को नहीं मानते है। उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ राष्ट्र द्रोह का मुकदमा कायम किए जाने के साथ नागरिकता को समाप्त किए जाने की मांग किया। प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मेंद्र चौहान ने कहा कि इतनी बड़ी घटना को छिपा कर मीडिया ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किया। भारत मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष अभिमन्यु चौहान ने कहा कि हमारा संगठन संविधान की प्रतियां फूंकने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग करता है। धरने की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष दुर्ग विजय यादव ने किया। इसी प्रकार अखिल भारतीय अनुसूचित जाति, जनजाति कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन ने भी संविधान की प्रति जलाए जाने के विरोध में अंबेडकर पार्क में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार गौतम ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता उसके संविधान में निहित होती है ओर इसका उल्लंघन राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में आता है। जिला सचिव राकेश कुमार बौद्ध ने कहा कि संविधान को संरक्षित करने के लिए सभी को एकजुट होना होगा। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सत्य प्रकाश बौद्ध ने संविधान जलाने वालों के खिलाफ राष्ट्र द्रोह का मुकदमा कायम किए जाने की मांग किया। इस मौके पर देवेंद्र कुशवाहा, शिव मूरत बौद्ध, राजित सागर, प्रकाश सोनकर, विजय कुमार सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
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