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लिखित घोषणा होने तक धरना करने पर अड़े लोग

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आजमगढ़। राज्य आवासीय विश्वविद्यालय की बहुप्रतीक्षित मांग की घोषणा मुख्यमंत्री ने कर दी लेकिन इस मांग को लेकर धरनारत लोगों ने धरना खत्म करने से इंकार कर दिया है। उनका कहना है कि हम पहले धोखा खा चुके हैं। जब तक लिखित घोषणा नहीं होती हमारा धरना जारी रहेगा।
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धरनारत अमित कुमार सिंह ने कहा कि जब तक लिखित में इसकी घोषणा नहीं होती तब तक धरना चलता रहेगा। प्रमोद सोनकर ने कहा कि विश्वविद्यालय के नाम पर जनपदवासियों को पिछले 40 सालों से ठगा जा रहा है। लिखित घोषणा होने पर ही तसल्ली होगी। वरिष्ठ सदस्य शिव बोधन उपाध्याय ने कहा कि पिछली सरकार में लिखित घोषणा होने के बाद प्रदेश सरकार ने विश्वविद्यालय देने से इंकार कर दिया। विवेक उपाध्याय, संरक्षक नजीर अहमद मंसूरी, अनशन प्रभारी राकेश गांधी ने कहा कि धोखा खाए जनपदवासी कोई खतरा नहीं लेना चाहते। इसलिए प्रदेश सरकार जल्द से जल्द केबिनेट में प्रस्ताव या शासनादेश लाए। कर्मचारी नेता गुलाब राय ने कहा कि पिछले 40 सालों में मिले धोखे से हम चौकन्ने हो गए हैं। इस मौके पर सूरज पाठक, रामशब्द राय, दशरथ कुमार, मनिंदर कुमार सिंह, डा. दुर्गेश श्रीवास्तव, डा.सुजीत भूषण, डा.वंदना द्विवेदी, डा.प्रवेश कुमार सिंह, रमेश मौर्य, रविंद्र नाथ यादव आदि उपस्थित थे।
जनपदवासियों में हर्ष, मनाई खुशी
आजमगढ़। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष घनश्याम पटेल ने कहा कि जनपद में विश्वविद्यालय की मांग पर मुहर ही युवाओं एवं खासकर शोध छात्रों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। साथ ही आगामी पीढ़ियों को बड़ा अवसर मिलने का द्वार खुल जाएगा। राज्य आवासीय विश्वविद्यालय के स्थापना की घोषणा होने पर गंभीरपुर के युवा छात्र एवं प्रबुद्घ वर्ग ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद प्रकट करते ढोल, ताशे बजाए और मिठाइयां बांटी। डीएवी कालेज के छात्र नेता सौरभ यादव ने इसके लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। बेलइसा स्थित कालेज आफ एडवांस स्टडी में अध्ययनरत छात्रों में भी हर्ष देखने को मिला। सबने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। मिठाई बांटी और एक दूसरे को गले लगाया। लालगंज भाजपा प्रबुद्घ प्रकोष्ठ ने बैठक कर जनपद में विश्वविद्यालय की घोषणा करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
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