आजमगढ़। चुनावी साल में रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत राज्य सरकार चयनित सात हवाई पट्टियों से जल्द उड़ान शुरू करना चाहती है। इसमें जनपद के मंदुरी हवाई पट्टी के विस्तारीकरण का कार्य शुरू होने के बाद अब सूबे की सरकार की ओर से चयनित सात हवाई अड्डों की एयरो ड्रम फीस चुकाने के लिए 41 लाख की वित्तीय स्वीकृति दे दी है। इन हवाई अड्डों से उड़ान शुरू करने के लिए डीजीसीए से एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त करना जरूरी होता है। रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत सूबे में आजमगढ की मंदुरी, सोनभद्र की म्योरपुर, अलीगढ़, मुरादाबाद, चित्रकूट, झांसी और श्रावस्ती की हवाई पट्टी को हवाई अड्डे का रूप में चयनित किया गया है। पहले दौरान में इन हवाई अड्डों से शासन की ओर से 2500 रुपये लखनऊ तक की उड़ान उपलब्ध कराने की शासन की योजना है। जनपद में चयनित मंदुरी हवाई पट्टी के विस्तार और अधूरी बाउंड्री पूरी करने के लिए शासन ने 1.5 हेक्टेयर जमीन खरीदने के लिए 2.86 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। इसमें 33 किसानों में 29 की जमीन खरीद ली गई है। वहीं, हवाई पट्टी के विस्तारीकरण और आवश्यक सुविधाओं के विकास के लिए राजकीय निर्माण निगम को 18.50 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली थी। इसमें 40 फीसदी धनराशि पिछले दिनों सासन की ओर से जारी कर दी गई थी। विभाग की ओर से टेंडर कराने के बाद हवाई पट्टी पर निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है। टर्मिनल की इमारत का कार्य चल रहा है। चुनावी साल में राज्य सरकार चयनित सातों हवाई पट्टियों से जल्द उड़ान शुरू करना चाह ती है। सातों हवाई अड्डों की एयरोड्रम फीस चुकाने के लिए 41 लाख की वित्तीय स्वीकृति दे दी है। इन हवाई अड्डों से उड़ान शुरू करने के लिए डीजीसीए से एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त करना जरूरी होता है। चूंकि इन हवाई अड्डों का मालिकाना हक राज्य सरकार के पास है। इसलिए इस धानराशि से नागरिक उड्डयन विभाग से एयरोड्रम फीस चुकाई जाएगी।
हवाई पट्टी के विस्तारीकरण के लिए 29 किसानों से जमीन ले ली गई है। शेष चार काश्तकारों से भी बैनामा हो जाएगा। हवाई पट्टी पर निर्माण शुरू करा दिया गया है। अप्रैल के बाद उड़ान शुरू होने की संभावना है।
आलोक वर्मा, मुख्य राजस्व अधिकारी