आजमगढ़। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में तैनात एक शिक्षिका के खिलाफ फर्जीवाड़ा कर मकान भत्ता लेने का मामला सामने आया है। विद्यालय की तत्कालीन प्रभारी प्रधानाचार्य ने इस फर्जीवाड़े को पकड़ा और इसकी शिकायत एडीएम प्रशासन से की। जिस पर एडीएम ने शिक्षिका को तीन दिनों के अंदर फर्जीवाड़ा कर लिए गए मकान भत्ता को जमा करने का निर्देश दिया है।
जीजीआईसी में रफत परवीन बतौर उर्दू शिक्षिका तैनात है। ये रैदोपुर स्थित सरकारी आवास को एलाट करा कर निवास कर रही है। इसके बाद भी इनके द्वारा वेतन के साथ मकान भत्ता सरकार से लिया जा रहा है। इसके लिए वे फर्जी किरायेदारी की बिल भी लगा रही थी। यह मामला तब पकड़ में आया जब तत्कालीन प्रभारी प्रधानाचार्या अनवर जहां के समक्ष शिक्षिका का इनकम टैक्स की फाइल पहुंची। इस फाइल में मकान भत्ता के रूप में फर्जी किरायेदारी की बिल लगी हुई थी। जबकि शिक्षिका सरकारी आवास एलाट करा कर रैदोपुर कालोनी में रह रही है। फर्जीवाड़े की जानकारी होने पर प्रधानाचार्य ने एडीएम प्रशासन को शिकायती पत्र लिख दिया। जिस पर एडीएम प्रशासन लवकुश त्रिपाठी ने शिक्षिका को सरकारी आवास में रहने की सूचना देने और अब तक फर्जीवाड़ा कर प्राप्त किए गये मकान भत्ता को तीन दिनों के अंदर जमा करने का निर्देश दिया है।