आजमगढ़। होम्योपैथिक मेडिकल एसोशिएशन ऑफ इंडिया के प्रादेशिक संगठन और राजकीय श्री दुर्गाजी मेडिकल कालेज की ओर से चार फरवरी को राहुल प्रेक्षागृह में आयोजित राष्ट्रीय होमियोपैथी संगोष्ठी मील का पत्थर साबित होगी।
उक्त बातें केन्द्रीय होमियोपैथी के सदस्य और सेमिनार के आयोजक चेयरमैन डा. भक्त वत्सल औेर राजकीय श्री दुर्गाजी होमियोपैथिक मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. डीके सोनकर ने सोमवार को पत्रकारों से की। कहा कि होमियोपैथी के अस्तित्व पर कड़े प्रहार किए गए हैं। फिर भी होमियोपैथी अपनी गुणवत्ता के आधार पर स्वीकार की जा रही है। संपूर्ण भारत को निरोग करने का सपना बिना होमियोपैथी को बढ़ावा दिए पूरा नहीं हो सकता है। डा. प्रमोद गुप्ता ने कहा कि सेमिनार में चिकित्सकों के कार्यों को वैज्ञानिक प्रामाणिकता के साथ प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। डा. देवेश दूबे ने बताया कि सेमिनार में केन्द्रीय होमियोपैथी परिषद के अध्यक्ष डा. रामजी सिंह (दिल्ली), उपाध्यक्ष डा. अरूण भास्में (महाराष्ट्र), डा. सुबास सिंह (कोलकाता), डा. एस प्रवीण (हैदराबाद), डा. अनवर आमिर अन्सारी (मुंबई), डा. एमके साहनी (पटना), डा. अनिरूद्ध वर्मा (लखनऊ), डा. आनन्द चतुर्वेदी (प्राचार्य होमेका इलाहाबाद), डा. सत्यजीत ठाकुर (छत्तीसगढ़), डा. पंकज श्रीवास्तव, डा. गिरीश गुप्ता, डा. बीबी सिंह नवाब, डा. प्रभाकर राय आदि अपनी सहभागिता देगें। डा. राजेश तिवारी ने कहा कि होमियोपैथिक औषधियों एवं पुस्तकों की एक प्रदर्शनी भी लगेगी। इस मौके पर डा. चंडी जीवन बनर्जी, हवलदार पटेल, नवीन दूबे, बी पाण्डेय, एके राय, प्रभात यादव, मनोज मिश्रा, चमन लाल सिंह, आरबी मौर्य, गिरीश सिंह, एसके राय, डा. राजकुमार राय, डा. रणधीर सिंह, डा. नेहा दूबेमौजूद रहे।