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चार माह बाद भी जारी नहीं हुआ शासनादेश

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आजमगढ़। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की बैठक मंगलवार को सत्येंद्र मिश्र की अध्यक्षता में हुई। वक्ताओं ने कहा कि संघ की छह सूत्री मांग को पूरा करने के लिए अधिकारियों को आदेशित किया। लेकिन चार माह बीत जाने के बाद भी शासनादेश जारी नहीं किया गया।
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अध्यक्ष रामानुज श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार से हमारी मांग है कि लेखपाल पद के लिए शैक्षिक योग्यता स्नातक, पदनाम राजस्व उपनिरीक्षक किया जाए। लेखपालों का प्रारंभिक वेतनमान ग्रेड पे 2000 से बढ़ाकर 2800 रुपया, पुरानी पेंशन बहाली, राजस्व निरीक्षक के पद पर सीधी भर्ती समाप्त किए जाने, राजस्व निरीक्षक नियमावली 2017 को कैबिनेट में पास कराए जाने सहित छह मांगे थी। जिसे मुख्यमंत्री ने मान लिया। लेकिन चार माह बीत जाने के बाद भी कोई शासनादेश जारी नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सात अक्तूबर को प्रत्येक तहसील मुख्यालय पर मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी को दिया जाएगा। 31अक्तूबर को बांह पर कालीपट्टी बांध कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में पूर्व अध्यक्ष भगवती यादव, तहसील मंत्री सुनील यादव, राजेंद्र प्रसाद, राकेश पाल, रामानंद यादव, अनिल सिंह आदि उपस्थित रहे।
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