आजमगढ़। जनपद की 3800 से अधिक आशा कार्यकर्ताओं में से 71 आशाओं ने वर्ष 2024-25 में एक भी प्रसव नहीं कराया। इससे उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। डीएम के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने इन आशा कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी करते हुए सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, आशा कार्यकर्ताओं को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की डोर-टू-डोर जानकारी देने, गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित करने और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी दी गई है। लेकिन वर्ष 2024-25 में 71 आशाओं ने अब तक कोई भी डिलीवरी केस दर्ज नहीं किया। इससे यह स्पष्ट होता है कि वे अपने कर्तव्यों का पालन नहीं कर रही थीं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिन आशा कार्यकर्ताओं ने लगातार लापरवाही दिखाई है, उनके स्थान पर नई इच्छुक और सक्रिय महिलाओं को आशा कार्यकर्ता के रूप में मौका दिया जाएगा। दो दिन पूर्व ही डीएम रविंद्र कुमार ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक ली थी। उन्होंने कार्य न करने वाली आशा कार्यकर्ताओं की सेवा समाप्त करने के निर्देश दिए थे। डीएम के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन आशाओं की सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्रत्येक माह समीक्षा के दौरान आशा कार्यकर्ताओं के कार्यों का मूल्यांकन किया जाता है। इनकी नियुक्ति जिला स्वास्थ्य समिति से होती है। इसलिए इनके प्रसव न कराने के मुद्दे को डीएम के समक्ष रखा गया था। अनुमति मिलने के बाद अब इनकी सेवा समाप्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। - डाॅ. अशोक कुमार, सीएमओ।