आजमगढ़। आग की घटनाओं की रोकथाम और उससे होने वाले नुकसान को कम करने के लिए ब्लॉकवार अग्नि सचेतक तैयार किए गए हैं। अग्निशमन विभाग की ओर से उनको एक सप्ताह की ट्रेनिंग भी दी गई है। यह आगलगी की घटना में विभाग के मददगार होंगे।
हर साल आग लगने से काफी नुकसान होता है। आग लगने के दौरान क्या करना चाहिए, कैसे अग्निशमन विभाग को सूचना दी जानी चाहिए सहित अन्य जानकारी के अभाव में लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। सबसे ज्यादा क्षति ग्रामीण इलाकों में होती है। क्योंकि वहां पर आसानी से फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं पहुंच पाती है। आग से नुकसान को कम करने के लिए विभाग ने जिले में 6500 अग्नि सचेतकों को तैयार किया है।
यह अपने क्षेत्र में अग्निकांड होने पर दमकल विभाग को तत्काल सूचना देंगे। इसके साथ लोगों की मदद करते हुए आग से बचने तौर तरीके बताएंगे।
जिले में 22 ब्लॉक हैं प्रति ब्लॉकों में लगभग 275 से लेकर 300 अग्नि सचेतक बनाए गए हैं। इनको विभिन्न फायर स्टेशनों के माध्यम से एक सप्ताह का प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। क्षेत्रीय होने के कारण इन्हें घटना स्थल तक दमकल की गाड़ियों के जाने के रास्ते और जरूरत पड़ने पर पानी कहां से उपलब्ध हो पाएगा, आदि परिस्थितियों से भली भांति परिचित होते हैं।
ऐसे में जनपद में कहीं भी आगलगी की घटना होती है तो यह फायर विभाग के लिए मददगार सबित होंगे। सभी अग्नि सचेतकों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा। इसमें तेल, पेट्रोल, बिजली शार्ट-सर्किट से लगने वाली आग सहित अन्य जागरुकता से संबंधित लिंक भेजे जाएंगे।