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65 हजार किसान नहीं करा रहे संशोधन, डिलीट करने की तैयारी

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आजमगढ़। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत जिन किसानों की ओर से अपना आधार संशोधन नहीं कराया जा रहा है उसे डुप्लीकेट डाटा मानते हुए उनके डाटा को डिलीट करने की तैयारी कृषि विभाग की ओर से की जा रही है। उप कृषि निदेशक डॉ. आरके मौर्य ने बताया कि जनपद में 65600 किसानों का आधार संशोधन किए जाने के लिए लंबित है। इसमें 22262 किसानों का आधार के अनुसार नाम संशोधन किया जाना है। 43338 किसान ऐसे हैं जिनके आधार नंबर में त्रुटियां होने कारण उन्हें सम्मान निधि की धनराशि नहीं प्राप्त हो रही है।
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उन्होंने कहा कि किसानों को जागरूक किए जाने के बावजूद आधार संशोधन न होने से प्रतीत होता है कि यह सभी पंजीकरण डुप्लीकेट हैं। बताया कि विभाग ऐसे किसानों को पुन: एक अवसर प्रदान करते हुए आधार संशोधन कराए जाने के लिए एक सप्ताह का समय दे रहा है। इस अवधि में यदि किसानों की ओर से डाटा का संशोधन नहीं कराया जाता है तो यह मानते हुए कि यह सभी डाटा डुप्लीकेट हैं और उन्हें डिलीट की जाने के लिए उच्च स्तर पर प्रस्ताव प्रेषित कर दिया जाएगा।
ऐसे करें संशोधन
आजमगढ़। डाटा संशोधन का कार्य किसान स्वयं अपने स्मार्टफोन के अतिरिक्त सहज जन सेवा केंद्र, कॉमन सर्विस सेंटर, लोकवाणी, साइबर कैफे या ब्लाक राजकीय कृषि बीज भंडार पर तैनात किए गए कार्मिकों की सहायता से संशोधन करा सकते हैं।
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700775 किसान पात्र, 618003 को मिल रही सम्मान निधि
आजमगढ़। उप कृषि निदेशक ने बताया कि जनपद में अब तक 733473 किसानों के द्वारा पंजीकरण कराया गया है। इसमें 32698 किसान अपात्रता की श्रेणी में हैं। शेष 700775 किसान पात्र पाए गए हैं। जनपद में 618003 किसानों को नियमित रूप से किसान सम्मान निधि की धनराशि उनके खाते में भुगतान हो रही है। 16172 किसान ऐसे हैं जिन्हें प्रथम किस्त के रूप में भुगतान के लिए प्रक्रिया क्रमिक है। जो किसान अपना पंजीकरण कॉमन सर्विस सेंटर सहज जनसेवा केंद्र अथवा समय अपने स्मार्टफोन से किए हैं उनके डाटा को वैलिडेट किया जाना आवश्यक है। बगैर डाटा के सत्यापन उन्हें सम्मान निधि की धनराशि नहीं प्राप्त हो सकेगी। ऐसे किसान अपना आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण, भूमि क्षेत्रफल का विवरण तथा घोषणा पत्र नजदीकी राजकीय कृषि बीज भंडार पर अथवा क्षेत्रीय स्तर पर कार्यरत कृषि विभाग के कार्मिकों को उपलब्ध करा दें। ताकि उनके डाटा को अभिलेखों के अनुसार सत्यापित करते हुए भुगतान हेतु अग्रसारित किया जा सके। जनपद में ओपन सोर्स से पंजीकरण कराए गए 9228 किसानों का डाटा सत्यापन के लिए अवशेष है।
अपात्र किसान भी मिल रहे
आजमगढ़। उप कृषि निदेशक ने बताया कि जनपद में अपात्र किसानों के द्वारा भी सम्मान निधि की धनराशि लेने के प्रकरण संज्ञान में आ रहे हैं। इस योजना का लाभ लेने के लिए वही किसान पात्र हैं, जिनके पास कृषि योग्य भूमि हो और राजस्व अभिलेखों में दर्ज हो। परिवार में यदि पति-पत्नी दोनों के नाम जमीन है तो लाभ एक ही को प्राप्त होगा। चतुर्थ श्रेणी के कार्मिक को छोड़कर राज्य अथवा केंद्र सरकार के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारी-अधिकारी इस योजना के लिए अपात्र होंगे। 10 हजार से अधिक पेंशन पाने वाले आयकर दाता, वर्तमान एवं भूतपूर्व संवैधानिक पद धारक, पंजीकृत पेशेवर डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट अथवा आर्टिटेक्चर के रूप में कार्य करने वाले किसान भी अपात्रता की श्रेणी में आएंगे। ऐसे किसान जो अपात्रता की श्रेणी में आते हैं और सम्मान निधि प्राप्त कर रहे हैं, वे स्वेच्छा से इसकी सूचना उप कृषि निदेशक कार्यालय को भेज दें।
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