आजमगढ़। जिले में 667 ईंट भट्ठों में से 134 के पास ही लाइसेंस है, लेकिन बंदी के आदेश जारी होने के बाद भी 533 ईंट भट्ठे चल रहे हैं। जिले में कई ईंट भट्ठे ऐसे हैं जो मुख्य मार्ग के किनारे और आबादी के पास संचालित हो रहे हैं। नई गाइड लाइनों को यह पूरा नहीं करते। विभाग की तरफ से ऐसे ईंट भट्ठों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
पहले ईंट भट्ठा संचालन के लिए पुरानी गाइड लाइन थी लेकिन वर्ष 2012 में शासन की तरफ से नई गाइड लाइन जारी की गई है। ईंट भट्ठे स्टेट मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग, कॉलेज, आबादी वाले क्षेत्र के आसपास संचालित नहीं हो सकते है। बहुत कम ही ईंट भट्ठे इस गाइड लाइन को पूरा कर रहे हैं। आजमगढ़- मऊ मुख्यमार्ग, शाहगढ़- मुबारकपुर मार्ग, बैठौली शहर बाइपास, जीयनुपर मार्ग, फरिहा- मुहम्मदपुर मार्ग, पकवा इनार- हरैया मार्ग आदि मार्गों पर सड़क के सटे ईंट भट्ठों का संचालन हो रहा है। जबकि ईंट भट्ठे कम से कम दो सौ मीटर की दूरी पर संचालित होेने चाहिए। वहीं, सजरपुर, बिलरियागंज, बूढ़नुपुर, मुबारकपुर, फुलपुर आदि स्थानों पर कई ईंट भट्ठे ऐसे हैं जो आबादी से एक किमी से कम दूरी पर चल रहे है। वहीं विभाग की तरफ से ऐसे ईंट भट्ठों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। नई और पुरानी गाइड लाइनों का हवाला दिया जा रहा है। इससे यह कार्रवाई से बचते जा रहे हैं।
सड़क या आबादी के पास जो ईंट भट्ठे संचालित हो रहे हैं। वह पुराने गाइड लाइनों के अनुसार स्थापित हैं। अब इन्हें हटाया नहीं जा सकता। केवल इनके पास लाइसेंस होना चाहिए। वर्ष 2012 में ईंट भट्ठा स्थापना के लिए शासन से नई गाइड लाइन जारी हुई है। इसके अनुसार ही नए ईंट भट्ठे स्थापित होंगे।- ओएस सिद्दीकी, वैज्ञानिक सहायक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आजमगढ़।