आजमगढ़। जिले में कई ईंट भट्ठे प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से बिना एनओसी लिए ही 527 ईंट भट्ठों का संचालन हो रहा है। सबकुछ जानते हुए भी जिम्मेदार मौन साधे हुए हैं। जबकि इससे सरकार को प्रतिवर्ष लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। इतना ही नहीं हर विभाग में जिले में संचालित ईंट भट्ठों का अलग ही आंकड़ा है।
जिले में अलग-अलग क्षेत्रों में ईंट भट्ठे संचालित हो रहे है। ये भट्ठे सड़क, आबादी, बगीचा व विद्यालयों के काफी करीब बने है। भट्ठों का संचालन शुरू करने से पूर्व प्रदूषण विभाग से एनओसी लेना अनियार्य होता है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय के आंकड़ों पर गौर किया जाय तो जिले में 668 ईंट भट्ठों में से मात्र 141 ईंट भट्ठों को ही संचालन के लिए एनओसी लिया है। बाकी 527 ईंट भट्ठे बिना एनओसी के ही संचालित हो रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से बिना सहमति पत्र लिए संचालित हो रहे इन ईंट भट्ठों को बंद करने के लिए नोटिस जारी की गई लेकिन उसका कोई परिणाम नहीं निकला। अब जिलाधिकारी द्वारा गठित टीम इन ईंट भट्ठों को बंद कराने का काम करेगी। लेकिन इन सबके बीच अगर जिले में संचालित ईंट भट्ठों के आंकड़ों पर विभागवार गौर करें तो सभी विभागों के अभिलेखों में इनकी संख्या में काफी अंतर नजर आता है। क्षेत्रीय प्रदूषण कार्यालय के अनुसार जिले में कुल 668 ईंट भट्ठों का संचालन हो रहा है। जबकि जिला पंचायत कार्यालय के अनुसार जिले में कुल 519 ईंट भट्ठे संचालित हो रहे हैं। जबकि खनन विभाग में 501 ईंट भट्ठे ही पंजीकृत हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कालिका सिंह ने बताया कि जिले में कई ऐसे ईंट भट्ठे हैं जो बिना सहमति पत्र लिए चल रहे हैं। इन ईंट भट्ठों को बंद करने के लिए नोटिस भेजी गई थी। लेकिन संचालकों ने संज्ञान नहीं लिया। जिलाधिकारी के निर्देश पर क्षेत्रों म्रें एसडीएम और सीओ के नेतृत्व में कमेटी गठित की गई है जल्द ही ऐसे ईंट भट्ठों को बंद कराया जाएगा। वहीं जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी एके सिंह ने बताया कि बीते सत्र में 519 ईंट भट्ठों में से 502 का कर जमा हो गया है। मार्च बीतने के बाद भी 17 लोगों ने अपने ईँट भट्ठों का कर जमा नहीं किया है। उनको कर जमा करने के लिए नोटिस जारी किया गया है।