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सिर्फ मऊ ने भेजे पांच शिक्षकों के नाम, आजमगढ़-बलिया ने चुप्पी साधी

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आजमगढ़। आगरा विवि से वर्ष 2004-05 में जारी फर्जी डिग्री के प्रकरण में अभी तक सिर्फ मऊ जनपद से पांच शिक्षकों के नाम भेजे गए हैं। आजमगढ़ और बलिया के बेसिक शिक्षाधिकारी की ओर से कोई सूची एडी बेसिक को उपलब्ध नहीं कराई गई है। इससे फर्जी डिग्री पर नौकरी करने वालों की जांच खटाई में पड़ गई है। एडी बेसिक की ओर से सभी बीएसए को फिर से पत्र जारी कर फर्जी डिग्री से अध्यापक बने शिक्षकों को चिह्नित कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
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हाईकोर्ट के आदेश पर गठित एसआईटी ने एक साल पहले डॉ. भीमराव अंबेडकर आगरा विवि में बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा था। वर्ष 2004-05 में यहां आवंटित सीटों से अधिक बीएड की डिग्रियां जारी कर दी गई थी। गत वर्ष एसआईटी की ओर से 3417 डिग्री को फर्जी और 1053 डिग्री को टेंपर्ड घोषित कर इसकी सूची सभी जिलों में भेजी गई थी। इसके आधार पर अपने जिले में तैनात फर्जी शिक्षकों चिह्नित करना था। 13 दिंसबर 2018 के एसआईटी की ओर से फर्जी और टैंपर्ड डिग्री की संशोधित सूची जारी की गई थी। एडी बेसिक राजेश कुमार आर्य ने बताया कि मंडल के तीनों जिलों के बीएसए को पत्र लिखकर अपने यहां से 2004-05 की आगरा विवि की डिग्री पर शिक्षक बने लोगों की रिपोर्ट तलब की थी। अभी तक सिर्फ मऊ जिले से पांच शिक्षकों के नाम मिले हैं। उनके अभिलेख भी मुहैया नहीं कराए गए हैं।
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