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एनएचएआई की तर्ज पर निर्धारित होगा ग्रीन बेल्ट

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आजमगढ़। जनपद में महायोजना-2031 (प्रारूप) के तैयार करने में अब नये नियमों का पालन होगा। महायोजना में पहले प्रस्तावित 45 मीटर चौड़े बाईपास मार्ग के दोनों तरफ 50 मीटर ग्रीन बेल्ट का प्रस्ताव दिया गया था। शासन ने इसे खारिज कर एनएचएआई की तर्ज पर ग्रीन बेल्ट का प्रस्ताव देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी प्रमुख इमारतों, संस्थानों और स्थानों को मानचित्र में प्रदर्शित करने को कहा है। आवासीय भू-उपयोग में 30 या 45 मीटर चौड़े मार्गों पर 26 मीटर गहराई तक बाजार स्ट्रीट का प्रस्ताव मांगा है। जनपद के विकास के लिए 1985 बनी महायोजना 2011 में ही पूरी हो गई है। नई महायोजना न होने से जनपद अनियोजित विकास का शिकार है। शासन की ओर से वर्ष 2031 तक के लिए नई महायोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए सेटेलाइट से चित्रण कर भू-उपयोग को चिह्नित किया जाना है। इस महायोजना के निर्माण के लिए लखनऊ से ही कंपनी का चयन किया जा रहा है। अभी तक चयन नहीं हो पाया है। सेटेलाइट बेस्ड महायोजना-2031 तैयार होने तक विकास प्राधिकरण को टाउन प्लानर के माध्यम से महायोजना-2031 (प्रारूप) के तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। पिछले दिनों इसे तैयार कर शासन को भेजा गया था, जिसमें कई कमियां निकाल कर उसे रिजेक्ट कर दिया गया था। गत माह आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की ओर से लखनऊ में प्राधिकरणों की बैठक आयोजित की गई थी। विचार-विमर्श के बाद महायोजना-2031 (प्रारूप) के संबंध में विशेष सचिव आवास एवं शहरी नियोजन विभाग राजेश कुमार पांडेय की ओर से नये निर्देश जारी किए गए हैं। अब इसी आधार पर महायोजना तैयार की जाएगी।
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ग्रीन बेल्ट के निर्धारण में नहीं चलेगी मनमानी
एडीए की ओर से पहले महायोजना-2031 (प्रारूप) में प्रस्तावित 45 मीटर चौड़े बाईपास मार्ग के दोनों तरफ 50 मीटर ग्रीन बेल्ट का प्रस्ताव दिया गया था। शासन ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। एडीए को एनएचएआई की ओर से निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ग्रीन बेल्ट का प्रस्ताव देने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही बिजली सब स्टेशन, पीएसी, जिला अश्पताल, राजकीय पॉलीटेक्निक, स्टेडियम, सरकारी कार्यालय, शैक्षिक सस्थान आदि को मानचित्र में हाईलाइट करने के निर्देश दिए हैं।

बंधे के निर्माण पर लगाई गई रोक
एडीए की ओर से प्रस्तुक की गई महायोजना-2031 (प्रारूप) के मानचित्र में तमसा नदी के दोनों ओर बंधे का प्रस्ताव दिखाया गया था। अभी तक नदी के एक ही किनारे पर बंधा है। सिंचाई विभाग ने नदी के दूसरी तरफ भी बंधा बनाने का प्रस्ताव रख दिया था। सिधारी में नदी के दूसरे किनारे वर्तमान महायोजना में दिए गए भू-उपयोग और हो चुके निर्माण के कारण बंधे के निर्माण को असंभव बताया गया है। सिंचाई विभाग को बाढ़ की रोकथाम के लिए दूसरे उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं।
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बाजार स्ट्रीट के लिए मांगे गए प्रस्ताव
आजमगढ़। शासन की ओर से महायोजना-2031 (प्रारूप) में प्रस्तावित आवासीय भू-उपयोग में पड़ने वाले 30 मीटर और 45 मीटर चौड़े मार्गों पर 25 मीटर गहराई तक और इसके साथ ही सटे हुए भूखंडो पर बाजार स्ट्रीट का प्रस्ताव भी मांगा गया है। वहीं सिधारी पुल और नदी के बीच खाली स्थित निर्मित क्षेत्र को वनीकरण में दर्शाने के निर्देश दिए हैं।

जल्द भेजें महायोजना का प्रस्ताव
आजमगढ़। विशेष सचिव आवास एवं शहरी नियोजन विभाग राजेश कुमार पांडेय ने एडीए को प्रस्तुत सुझावों का समावेश कर महायोजना-2031 (प्रारूप) जल्द तैयार कर भेजने को कहा है। ताकि आपत्ति और कार्यवाही प्रारंभ कराई जा सके।
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शासन की ओर से महायोजना-2031 (प्रारूप) में कुछ नये सुझावों को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही इसे तैयार कर शासन को प्रेषित किया जाएगा।
बाबू सिंह, सचिव एडीए
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