आजमगढ़। शहर के साथ ही ग्रामीणांचल में भी छठ पूजा की धूम देखने को मिली। दिन भर पूजन सामग्रियों की खरीदारी व तैयारी के बाद शाम चार बजे से ही व्रती महिलाओं व छठ मईया के भक्तों का घाटों पर मेला सा लग गया। हर ओर छठ मईया के जयकारों से पूरा वातावरण ही गुंजायमान हो उठा। घाटों पर कमर भर पानी के खड़े होकर व्रती महिलाओं ने अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य दिया। सूर्योपासना के इस महापर्व के चलते नदी, तालाब के किनारे बने वेदी स्थलों पर पूजा समितियों द्वारा आकर्षक सजावट की गई है। अहरौला प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के बस्ती भुजवल, अहरौला, शाहपुर, फूलवरिया, गोपालगंज आदि बाजारों में दिनभर भीड़ उमड़ी रही। शाम होते ही छठ मईयां के पूजन को भक्त घाटों पर जुट गए। अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य दिया गया। दुर्वासा धाम पर भी बड़ी संख्या में व्रती महिलाएं एकत्रित हुईं। रानी की सराय में रानी पोखरा पर छठ पूजन को लोगों का जमावड़ा दोपहर बाद से ही शुरू हो गया। यहां पूजा समिति ने छठ मईया की प्रतिमा स्थापना के साथ ही आकर्षक सजावट भी की थी। मेजवां में पिरहा घाट, नागाबाबा पोखरा, ऊंचवा मोहल्ला और जगदीशपुर पुल के पास छठ पूजा के लिए आस्था का सैलाब उमड़ा हुआ था। छठ मैया के जयकारों से पूरा कुंवर नदी का तट गुंजायमान हो उठा था। सगड़ी में जीयनपुर कस्बा स्थित कोइरिया पोखरे पर सैकड़ों की संख्या में व्रती महिलाओं ने छठ मईया का पूजन किया। तीन बजे के बाद से ही पोखरे पर व्रती महिलाओं का हुजूम उमड़ने लगा था। कई व्रती महिलाएं जहां गाजेबाजे के साथ पूजन के लिए पहुंची तो कईयों ने घर से सड़क पर लेटते हुए पहुंच कर छठ मईयां को रिझाया। तहसील क्षेत्र के बोझिया, महुलिया, पकवाइनार, मालटारी, बांसगांव, जमीन मोहम्मदपुर, गडेरीपट्टी, अजमतगढ़, अंजानशहीद समेत अन्य कई स्थानों पर छठ पूजन के लिए भक्तों का जमावड़ा हुआ। लाटघाट में प्राचीन शिव मंदिर स्थल पर छठ पूजा की व्यवस्था की गई थी जहां सार्वजनिक छठ पूजा समिति द्वारा प्रतिमा भी स्थापित की गई थी। ठेकमा के पसिका, जमुआवा, बरदह, सादीपुर, ठेकमा, गिडऊर, भौतर आदि स्थानों पर स्थित जलाशयों पर पहुंच कर छठ मईया के भक्तों ने पूजा अर्चना की। बिंद्रा बाजार के रानीपुर रजमो स्थित मां अगवानी मंदिर पोखरा पर आस्था का महापर्व डाला छठ धूमधाम के साथ मनाया गया। रामजानकी मंदिर स्थित सरोवर पर भी दर्जनों महिलाओं ने छठ मईया का पूजन किया। दोनों स्थानों पर छठ पूजन की व्यापक व्यवस्था की गई थी।
अर्घ्य देने उमड़ा जनसैलाब
अतरौलिया/कप्तानगंज। क्षेत्र में डाला छठ का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कस्बा के पूरब पोखरा समेत अन्य तालाबों के किनारे व्रती महिलाओं का जमावड़ा शाम होते ही शुरू हो गया। कमर भर पानी में खड़ी होकर व्रती महिलाओं ने छठ मईयां की आराधना की और सूर्य के अस्त होते ही अध्र्य देकर पुत्रों के दीर्घायू होने की कामना की। इसी क्रम में कप्तानगंज क्षेत्र में भी छठ पूजा को लेकर सुबह से ही गहमा-गहमी देखने को मिली। बाजार में जहां पूजन सामग्री की खरीद को लेकर लोग उमड़े रहे तो वहीं शाम होते ही कस्बा के बाबा गोपीदास कुटी स्थित पोखरे पर व्रती महिलाओं ने पहुंच कर विधि विधान से साथ पूजा किया।
जगमग थे घाट
अंबारी/बूढनपुर। क्षेत्र के अंबारी, माहुल, पलिया, खंनजहापुर, गोधना, मैगना, हुब्बीगंज, पल्थी, पुष्पनगर, खरसहन, फुलेश स्थित पोखरों के तट छठ पूजा केा लेकर जगमग थे। शाम होते ही व्रती महिलाओं ने घाटों पर पहुंच कर मां छठी की अर्चना की और डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया। बूढनपुर के प्रथम देव स्थान स्थित अघमोचन कुड पर तो मेले जैसा नजारा देखने को मिला।
रानी पोखरा पर किया गया पौधरोपण
रानी की सराय। छठ पूजन के अवसर पर कस्बा के रानी पोखरा पर पूजन की व्यवस्था थी। मंगलवार को व्यापार मंडल व छठ पूजा समिति के संयुक्त तत्वाधान में यहां स्वच्छता व पर्यावरण सुरक्षा को लेकर जागरूकता संगोष्ठी आयोजित की गई। इसके साथ ही पौधरोपण भी किया गया। नाटक के माध्यम से लोगों को पौधों की सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया गया।