आजमगढ़। प्रदेश सरकार जनता से बहुत सारे वादे कर रही है। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का दंभ भर रही है। लेकिन एक महीने के अंदर प्रदेश में हुई 100 मासूूमों की मौत के कारणों को सरकार स्पष्ट नहीं कर पा रही है। कानून व्यवस्था के साथ ही लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के मामले में भी प्रदेश सरकार विफल है। उक्त बातें पूर्व सांसद डा. संतोष सिंह ने नगरपालिका स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद और फरुखाबाद में 100 मासूम बच्चों की मौत हुई। इसमें प्रदेश सरकार के मंत्री का यह बयान की इस मौसम में मौत होती रहती है। काफी निंदनीय है जिसकी हम निंदा करते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी के मिशन को याद करते हुए कांग्रेस ने यह तय किया है कि हम हर जिले के अस्पतालों की जांच कर सरकार को अवगत कराने का काम करेंगे। राजीव गांधी स्वास्थ्य मिशन के तहत कांग्रेस की ओर से शुक्रवार को अस्पताल में कैंप लगाया गया था। जहां जांच के दौरान पाया गया कि अस्पताल में गंदगी का अंबार है साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। अस्पताल में बने शौचालयों की हालत बदतर है। मरीजों के बिस्तर पर लगाए गए चद्दर हफ्तों पूर्व बदले गए हैं। मरीजों को खाना दिया जाता है वह काफी घटिया किस्म का है। पूरे प्रदेश की रिपोर्ट एक दो दिन में इकठ्ठा हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने गड्ढामुक्त सड़क देने का वादा किया था। लेकिन आज कोई भी सड़क ऐसी नहीं है जिसमें बड़े-बड़े गड्ढे न हों। यह सिर्फ जनता की आंखों में धूल झोकने की बात है। इसलिए सरकार को चाहिए कि वह बात नहीं बल्कि कार्य करे। इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष हवलदार सिंह भी उपस्थित थे।
सीएमएस को दिया ज्ञापन
आजमगढ़। सामाजिक संगठन प्रयास, महिला मंडल जनसेवा समिति, जागो युवा संस्था और टीम गांधीगिरी का एक प्रतिनिधि मंडल महिला अस्पताल में हो रही नवजात शिशुओं की मौत और प्रसुता महिलाओं के साथ किए जा रहे दुर्व्यवहार को लेकर शनिवार को सीएमएस को ज्ञापन दिया गया।
संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर चिकित्सालय में मरीजों के साथ किए जा रहे दुर्व्यवहार बंद नहीं हुए तो पूरे मामले को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाकर जांच कराई जाएगी। प्रयास संस्था के अध्यक्ष रणजीत सिंह ने कहा कि महिला चिकित्सालय अपने रवैये से अस्पताल को डेथ चैंबर बनाने पर तुले हुए है। महिला मंडल की अध्यक्ष पूनम सिंह ने कहा कि महिला अस्पताल में महिलाओं और गर्भवती महिलाओं के साथ किए जा रहे अमानवीय बर्ताव को कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रतिनिधि मंडल में अतुल श्रीवास्तव, रणविजय मौर्य, डा. हरगोविंद विश्वकर्मा, शमसाद अहमद, डा. वीरेंद्र पाठक, सुनील यादव, शंभू दयाल सोनकर, चेतना अग्रवाल, सिविका अग्रवाल, लेखा श्रीवास्तव, अलका सिंह, वीनित सिंह रीशू, पवन सिंह आदि शामिल रहे।