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शाम होते ही बंद हो रही बाढ़ चौकियां

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लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल में बहने वाली घाघरा के जलस्तर में लगातार घटोत्तरी होने से ग्रामीणों ने जहां राहत की सांस ली है। वहीं घटाव के साथ तेेजी से हो रही कटान ने ग्रामीणों की नींदे उड़ा रखी है। नदी अभी भी खतरा बिंदू से ऊपर बनी हुई हुई लेकिन इसके बाद भी शाम होते ही बाढ़ चौकियों पर ताला लटक रहा है।
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देवारावासियों को घर से बेघर करने के बाद अब घाघरा धीरे-धीरे घटने लगी है। जलस्तर घटने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। वहीं बहुत से ग्रामीण अब धीरे-धीरे अब अपने घरों को लौटने लगे हैं। लेकिन जलस्तर घटने के बाद भी नदी अभी भी लाल निशान से ऊपर बनी हुई है। जलस्तर घटने के साथ ही कटान में तेजी आई है। जिसने ग्रामीणों की नींदे उड़ा रखी है। क्षेत्र के देवारा अचल नगर,देवारा भिक्षुकदास, देवारा गरीब दुबे, देवारा रामसरन, त्रिपुरारी का पुरवा, बगहवा आदि जगहों पर कटान तेज हो गई है। बुधवार की शाम बदरहुंआ गेज पर 71.99 मीटर और डिघिया गेज पर 71.12 मीटर दर्ज किया गया था। जो गुरुवार की शाम बदरहुंआ गेज पर 71.76 मीटर और डिघिया गेज पर 70.83 मीटर दर्ज किया गया। नदी का जलस्तर बदरहुंआ में 23 सेमी और डिघिया में 24 घंटे में घटा। दोनों ही गेजों पर नदी का जलस्तर दोनों की खतरा बिंदूओं पर लाल निशान के ऊपर बनी हुई है। बाढ़ खंड के अधिकारियों की मानें तो शारदा बैराज से 18680, गिरजा बैराज से 91466 और बनबसा बैराज से 49656 क्यूसेक पानी नदी में डिस्चार्ज हो रहा है। नदी लगातार काफी दिनों से खतरा बिंदू से ऊपर बह रही है। इसके बाद भी महुला गढ़वल बांध पर स्थापित सभी चौकियों पर शाम होते ही ताला बंद कर कर्मचारी फरार हो जाते हैं। जबकि गांवों में बाढ़ का पानी गड्ढ़ों में जमा होने से संक्रामक बिमारियों का खतरा बढ़ गया है।
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