महराजगंज। हर दिन हमारी जमीन नदी में समा रही है, और अब घर की बारी है... कोई सुनने वाला नहीं है। यह शब्द हैं गंगापुर गांव के किसान राम सिंगार यादव के, जिनके घर से महज 15 मीटर की दूरी पर घाघरा नदी की तेज धार जमीन को निगल रही है। डर, बेचैनी और असहायता से भरे इन शब्दों में वह पीड़ा झलकती है जिसे गंगापुर, पुरैनिया और आसपास के ग्रामीण रोज झेल रहे हैं। सगड़ी तहसील क्षेत्र के महाराजगंज विकासखंड अंतर्गत स्थित गंगापुर और पुरैनिया गांवों में घाघरा नदी की कटान तेजी से गांव की ओर बढ़ रही है। ग्रामीणों के अनुसार, पश्चिम दिशा में हो रही यह कटान हर दिन खेतों की उपजाऊ जमीन को अपनी चपेट में ले रही है। अब तक लगभग 50 एकड़ जमीन घाघरा की धारा में समा चुकी है।
पूर्व प्रधान एहसान खान का कहना है कि पिछले दस दिनों से न कोई अधिकारी आया, न कोई कर्मचारी, जबकि कटान दिन-ब-दिन तेज हो रही है। सगीर खान ने बताया कि ग्राम अराजी मलह पुरवा से लेकर गंगापुर, पुरैनिया, तिवारीपुर तक किसानों की जमीन नदी में विलीन हो चुकी है।
उनका कहना है कि अगर जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो स्थिति भयावह हो सकती है। नन्दलाल ने कहा कि जलस्तर बढ़ने से हर दिन नई जमीन नदी में समा रही है, और हम सिर्फ देख रहे हैं। राम सिंगार यादव का कहना है कि अब खेत नहीं, तो घर भी खतरे में है। अगर कटान यूं ही जारी रनी, तो कुछ ही दिनों में हमारा घर भी घाघरा में समा जाएगा। एसडीएम सगड़ी श्याम प्रताप सिंह ने कहा कि गंगापुर और पुरैनिया में कटान की जानकारी है। हम लोग नजर बनाए हुए हैं। बाढ़ खंड के लोग भी मौके पर गए थे।