बीते नवंबर माह में हुई बेमौसम बारिश से जिले में 44 किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है। क्षतिपूर्ति के लिए इनका सर्वे कर रिपोर्ट लखनऊ भेज दी गई है। अब आगामी फरवरी तक इन किसानों को क्षतिपूर्ति मिलेगी।
खरीफ सीजन 2025 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जिले में 50100 ऋणी, नॉन ऋणी किसानों ने धान फसल का बीमा कराया था, और प्रीमियम के रूप में 86 लाख रुपये जमा किया।
बीमित किसानों को किसी भी दैवीय आपदा से फसल नुकसान होने पर 72 घंटों के भीतर टोल फ्री नंबर या विभाग में जाकर लिखित रूप से शिकायत करनी होती है।
किसानों की धान की फसल तैयार थी, इसी बीच नवंबर माह में चार- पांच दिनों तक बारिश होने से कई किसानों की धान की फसल डूब गई तो कई की खेत में काट कर रखी फसल भीग जाने से काफी नुकसान हुआ।
नुकसान के बाद जिले के 22 ब्लॉकों में से नौ ब्लॉकों से 44 किसानों ने क्षतिपूर्ति के लिए अपनी शिकायत दर्ज कराई। इसमें सबसे ज्यादा तरवा ब्लॉक के 16, ठेकमा के आठ और बिलरियागंज के सात किसान हैं।
इसके अलावा तहबरपुर से छह, अहरौला, मोहम्मदपुर, पल्हना से एक- एक, पल्हनी, मिर्जापुर से दो- दो किसानों ने क्षतिपूर्ति के लिए शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत दर्ज होने के बाद कृषि, राजस्व विभाग और बीमा कंपनी के कर्मचारियों ने फसल का सर्वे किया।
इसमें फसल नुकसान होना पाया। इसके क्षतिपूर्ति के लिए रिपोर्ट बनाकर लखनऊ भेज दिया। आगामी फरवरी तक इनकोे क्षतिपूर्ति मिलेगी। पीएम फसल बीमा योजना के जिला समंवयक सोहित यादव ने बताया कि 44 किसानों ने फसल नुकसान की शिकायत की थी। इनका सर्वे कर क्षतिपूर्ति के लिए रिपोर्ट लखनऊ भेज दी गई है।