आजमगढ़। शासन के निर्देश पर जनपद के 22 ब्लॉकों में तैनात 22 खंड प्रेरक और 22 कंप्यूटर ऑपरेटरों की सेवा समाप्त कर दी गई है। अब बाकी बचे खंड प्रेरकों में भी कुछ खंड प्रेरक ऐसे हैं जो काम में लापरवाही कर रहे हैं। सीडीओ ने इनकी भी स्क्रूटनी कराने का निर्णय लिया है।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण आदि योजनाओं की डेटा फीडिंग के लिए शासन ने हर ब्लाक में अलग से एक खंड प्रेरक और एक कंप्यूटर आपरेटर की नियुक्ति का निर्देश दिया था लेकिन अब शासन ने इन सभी को बाहर करने का निर्देश दे दिया। इस क्रम में जिला पंचायत राज कार्यालय ने कंपनी के माध्यम से 22 खंड प्रेरकों और 22 कंप्यूटर आपरेटरों के सेवा समाप्ति का पत्र भेज दिया है। वहीं जनपद में कुछ ऐसे भी खंड प्रेरक हैं जो काम में लापरवाही बरत रहे हैं। इसे देखते हुए सीडीओ सभी खंड प्रेरकों की स्क्रूटनी करा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने कमेटी गठित करने का निर्णय लिया है। इसके बाद सबसे खराब प्रगति वाले खंड प्रेरकों को नोटिस जारी किया जाएगा। अगर इसके बाद भी इनकी कार्यशैली में सुधार नहीं होता है तो इनका मानदेय रोका जाएगा। इसके बाद भी कार्यों में सुधार न होने पर इनकी सेवा को समाप्त कर दिया जाएगा।
बार-बार निर्देश देने के बाद भी बहुत से खंड प्रेरकों के कार्यों में प्रगति देखने को नहीं मिल रही है। जिसके लिए स्कूटनी करने का निर्णय लिया गया है। स्कूटनी के बाद सबसे खराब प्रगति वाले खंड प्रेरकों को नोटिस जारी कर वेतन रोका जाएगा। अगर इसके बाद भी सुधार नहीं होता है तो इनकी सेवा समाप्त की जाएगी। - आनंद कुमार शुक्ला, सीडीओ।