गोरिया बाजार। सुरक्षित जच्चा-बच्चा के लिए महिलाओं को गर्भावस्था और प्रसव के बाद संतुलित और अच्छे खानपान की जरूरत होती है। ताकि दोनों कुपोषण से मुक्त हो सके। स्वास्थ्य और पोषाहार से जुड़ी जानकारी बिलरियागंज के तुर्क पडरी गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित ममता दिवस पर गर्भवती और धात्री महिलाओं को दी गई। बच्चों और किशोरियों को भी जागरूक किया गया।
मुख्य सेविका पुष्पा मौर्या ने बताया कि प्रसव से पूर्व और बाद में संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए। सुबह गुड़ और चना खाने से शरीर में आयरन की बढ़ोतरी होती है। जर, चुकंदर, अनार आदि के खाने से शरीर में खून बढ़ाने में मदद मिलती है। किशोरावस्था से ही बेहतर एवं संतुलित खानपान लेना चाहिए। किशोरियों को हर माह चार बार आयरन की नीली गोली लेने की सलाह दी। बच्चों को पुष्टाहार से बने विभिन्न तरीके के व्यंजन बनाकर खिलाने चाहिए। आंगनबाड़ी सुनीता शर्मा ने महिलाओं को घर में साफ-सफाई, खाना बनाते समय स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने पर जानकारी दी। उर्मिला देवी, इंदु देवी, गुड्डी देवी, रागिनी देवी आदि उपस्थित थीं।