आजमगढ़। मंडल के 26 ब्लॉकों के 344 मजरों में जल्द ही विद्युतीकरण का कार्य शुरू होगा। विभाग की तरफ से सर्वे कराकर भेजे गए डीपीआर की स्वीकृति मिल गई है। अब उसी डीपीआर के आधार पर हैदराबाद की कार्यदायी संस्था सर्वे कर बीओक्यू (बिल आफ क्वांटिटीज) अर्थात किसी परियोजना के लिए जरुरी कामों की मात्रा और गुणवत्ता को तय कर सामान मंगाकर काम जल्द शुरू करेगी। इस कार्य पर 18 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
आजमगढ़ मंडल के तीनों जनपदों में बहुत से ऐसे लोग हैं जो गांव के बाहर निकलकर अपना घर बना लिए हैं। धीरे- धीरे वहां अब 10 से 15 घर हो चुके हैं। इसके अलावा कई लोगों ने अभी तक बिजली का कनेक्शन नहीं है। ऐसे लोगों के घरों तक पोल, तार खींचकर और ट्रांसफाॅर्मर लगाकर विभाग की तरफ से बिजली उपलब्ध कराना है।
सौभाग्य योजना फेज- 3 के तहत विभाग ने सर्वे किया था। इसमें आजमगढ़ मंडल के तीनों जनपदों के 26 ब्लॉकों के 344 मजरे मिले थे। विभाग ने इसकी डीपीआर तैयार कर शासन को भेजा था। इन मजरों में विद्युतीकरण की स्वीकृति भी मिल गई है। इस पर 18 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अब सौभाग्य योजना को आरडीएसएस योजना में शामिल कर दिया गया है।
चयनित गांवों में कराने वाले कार्यों का भुगतान आरडीएसएस (रिवैंप्ड योजना) से होगा। इसमें 11केवी और एलटी की नई लाइन खींची जाएगी। छोटे मजरे होने के कारण हर जगहों पर 25 केवीए का नया ट्रांसफाॅर्मर लगाया जाएगा। विभाग के डीपीआर के आधार पर हैदराबाद की कार्यदायी संस्था जिले में पहुंचकर सर्वे शुरू कर दिया है। बीओक्यू तैयार करके पोल, तार, ट्रांसफाॅर्मर आदि सामग्री मंगाकर काम शुरू करेंगी।
आजमगढ़ में सबसे ज्यादा 208 मजरों का चयन
विद्युतीकरण के लिए आजमगढ़ जनपद के पवई, अहरौला, फूलपुर, मार्टीनगंज, मोहम्मदपुर, अतरौलिया, बिलरियागंज, महाराजगंज, कोयलसा व तहबरपुर ब्लॉक के 208 मजरों का चयन किया गया है। मऊ में परदहां, रानीपुर, घोसी, कोपागंज, मोहम्मदाबाद गोहना और फतेहपुर ब्लॉक के 21 मजरे शामिल हैं। बलिया जनपद में रसड़ा, सियर, नगरा, चिलकहर, हनुमानगंज, मनियर, सोहांव, गढ़वार, रेवती व बांसडीह ब्लॉक में 115 मजरे चयनित किए गए हैं। इन मजरों में विद्युतीकरण होगा। संवाद
सौभाग्य फेज-3 के तहत आजमगढ़, मऊ व बलिया जिले में 344 मजरों का चयन किया गया था। अब सौभाग्य योजना को रिवैंप्ड योजना में शामिल कर लिया गया है। हैदराबाद की कार्यदायी संस्था जिले में पहुंचकर डीपीआर के आधार पर सर्वे कर रही है। इसके बाद बीओक्यू तैयार कर पोल, तार आदि सामान मंगाकर जल्द ही काम शुरू कराएगी। इस पर 18 करोड़ रुपये खर्च होंगे। - राजेश तिवारी, अधिशासी अभियंता।