आजमगढ़। जिले में धर्मांतरण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ईसाई मिशनरियों सहित अन्य धर्मों से जुड़े लोग गरीबों को लालच और चमत्कारों के जरिए धर्म बदलने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह कार्य पहले गुपचुप तरीके से किया जाता था, लेकिन अब इसमें शामिल लोगों की सक्रियता काफी बढ़ गई है। पिछले तीन वर्षों में धर्मांतरण के 33 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, अब तक 85 से अधिक लोगों पर कार्रवाई भी हुई है।
जिले में ईसाई धर्म से जुड़ने वालों की संख्या बीते कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। मिशनरियों से जुड़े लोग गरीब और दलित तबके को आर्थिक सहायता और चमत्कार दिखाने के बहाने अपने प्रभाव में लेते हैं। धीरे-धीरे ब्रेनवॉश कर उन्हें निर्धारित स्थलों पर एकत्र कर धर्मांतरण कराया जाता है। प्रशासन की निष्क्रियता के चलते ऐसे लोग अब खुलकर सक्रिय हो गए हैं। पुलिस आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में धर्मांतरण के 14 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें 60 लोगों के नाम सामने आए और 55 गिरफ्तारियां हुईं। वर्ष 2024 में 12 मामले दर्ज हुए, जिनमें 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, वर्ष 2025 में अब तक सात मामले उजागर हुए हैं, जिनमें 23 नामजद मुकदमे दर्ज हुए और 18 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। लगातार सामने आ रहे इन मामलों से जहां सामाजिक सौहार्द पर असर पड़ रहा है, वहीं प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर आमजन में नाराजगी भी देखने को मिल रही है।
इन थाना क्षेत्रों में आते हैं अधिक मामले
आजमगढ़। जिले में लगभग हर माह एक दो केस सामने आते हैं। सबसे अधिक मामले रौनापार, निजामाबाद, महाराजगंज, देवगांव, मेंहनगर, अहरौला व पवई आदि थाना क्षेत्रों में मामले उजागर हुए।
धर्मांतरण से जुड़े लोगों के खिलाफ साक्ष्य मिलने पर केस दर्ज कर गिरफ्तारी की जाती है। जिन स्थानों पर ऐसे मामले उजागर हुए हैं, वहां की पुलिस गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। - चिराग जैन, एसपी ग्रामीण आजमगढ़।