सिधारी पुल से गुजरते लोग।-प्लान खबर की फोटो
- फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। मोहम्मदपुर में मंगई नदी पर बाबा की कुटी के पास 32 गांवों को जोड़ने वाले पुल की डीपीआर तैयार करने के निर्देश जिलाधिकारी ने पीडब्ल्यूडी को दिए हैं। साथ ही सिधारी के पुराने पुल को सिर्फ पैदल यातायात के लिए खोलने के लिए भी विचार किया जा रहा है। इस बारे में जिलाधिकारी ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को निर्देशित किया है। मोहम्मदपुर चौराहे से अमजद अली इंटर कालजे, मोहिउद्दीनपुर आदि होते हुए कस्बे को निजामाबाद और फरिहां से जोड़ने वाले मार्ग पर पुराना पुल काफी समय से क्षतिग्रस्त है। ग्रामीणों के अनुसार ये पुल काफी पुराना है और वर्तमान जर्जर अवस्था में है। इस मार्ग को ग्रामीण आजमगढ़ शहर आने के लिए वैकल्पिक मार्ग के रूप में भी पसंद करते हैं। ग्रामीणों के अनुसार पुल का निर्माण होने से लगभग 32 गांवों के लोगों को सुविधा मिलेगी और शहर आने के लिए उन्हें वैकल्पि क मार्ग मिलेगा। इससे आजमगढ़-वाराणसी मुख्य मार्ग पर उड़ने वाली धूल और जाम की समस्या से भी निजात मिलेगी। जिलाधिकारी एनपी सिंह ने ग्रामीणों की मांग को देखते हुए पीडब्ल्यूडी के खंड पांच को पु ल के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए हैं। एक्सईन विजय कुमार ने बताया कि प्रपोजल तैयार किया जा रहा है। इसे मंजूरी के लिए शासन को भेजा जाएगा। शासन की स्वीकृति के बाद डीपीआर तैयार कर भेजा जाएगा।
वहीं, शहर के सिधारी पुल पर वाहनों के बढ़ते दवाब और जाम की स्थिति से निपटने के लिए पुराने पुल पर पैदल यातायात के लिए भी रास्ते खोजे जा रहे हैं। शहरवासियों की मांग पर जिलाधिकारी ने ये जिम्मेदारी भी पीडब्ल्यूडी को दी है। पुराना पुल तो ध्वस्त हो चुका है, लेकिन उसके पिलर अभी भी खड़े हैं। फिलहाल पीडब्ल्यूडी इसकी जांच कर रहा है कि क्या इसे पैदल यातायात के लिए यूज किया जा सकता है।संभावनाएं होने पर इस पर पैदल यातायात की व्यवस्था के लिए कार्य कराया जाएगा।
सिधारी पुराने पुल के खंभे।-प्लान खबर की फोटो- फोटो : AZAMGARH