लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा की लहरें शांत होने के बाद एकबार फिर से बढ़ने लगी है। अब तक आराजी सेमरी गांव से 51 परिवार पलायन कर चुके हैं। घाघरा बदरहुंआ पर लाल निशान को छूने के लिए बेताब है तो डिघिया पर खतरा बिंदू से 14 सेमी ऊपर है। मानिकपुर से मानिकपुर नई बस्ती पर सरकारी नाव लगाई गई है।
घाघरा के बढ़ते जलस्तर से नदी किनारे बसे गांवों के लोग भयभीत है। साथ्ा ही कटान में भी तेजी आ गई है। महाराजगंज ब्लॉक के आराजी सेमरी गांव में घाघरा नदी का कहर जारी है घाघरा नदी ने कटान तेज कर दिया है। सेमरी गांव के 35 परिवार का आशियाना पिछले दिनों घाघरा ने काट कर नदी में बहा दिया था।
इसके बाद 16 परिवार और जो घाघरा नदी के करीब आ गए थे अपना आशियाना खाली कर पलायन कर गए। सभी 51 परिवार के लोग प्रा. विद्यालय सेमरी में शरण लिए थे। जो आज पलायन कर गए। वहीं अब घाघरा नदी के विद्यालय के करीब आने से सभी 51 परिवार के लोग गोरखपुर जिले के बेलघाट बंधे पर रायपुर गांव के पास तिरपाल डालकर शिविर में शरण लिए हैं।
देवारा खास राजा के मुराली का पुरा और त्रिलोकी के पुरा में खेती की जमीन के साथ-साथ आबादी की जमीन कट रही है। त्रिलोकी के पुरा में सजगू, प्रकाश यादव व लाल बहादुर पटेल का मकान कटान की जद में आ गया है जो कभी भी कट सकता है। देवारा अचल के देवारा राम शरण दुबे, देवारा गरीब दुबे, देवारा अचल सिंह, देवारा करता राम दुबे, देवारा भिच्छुक दास, श्री नगर, गलसदिया, सिकठियाए आदि में घाघरा खेती योग्य जमीन काट रही है। संपर्क मार्ग अभी डूबे हुए हैं।
खरैलिया ढ़ाला से सोनौरा संपर्क मार्ग, मानिकपुर से मानिकपुर नई बस्ती संपर्क मार्ग, शाहडीह से बाकाबूढन पट्टी संपर्क मार्ग इन संपर्क मार्गों पर पानी होने से आवागमन बाधित है।शुक्रवार को घाघरा नदी का जलस्तर बदरहुंआ नाले पर 71.28 से 12 सेमी. बढ़कर शनिवार को 71.40 मीटर हो गया।
वहीं डिघिया नाले पर शुक्रवार को नदी का जलस्तर 70.41 मीटर था जो शनिवार को 13 सेमी बढ़कर 70.54 मीटर हो गया। डिघिया गेज पर नदी खतरा बिंदू से 14 सेमी ऊपर बह रही है।