मौसम में बदलाव के साथ ही बीमारियों ने भी दस्तक दी है। सर्दी, खांसी, बुखार के साथ ही पीलिया और डायरिया के मरीज भी चिकित्सकों की ओपीडी में पहुंचने लगे हैं।
मार्च शुरू होते ही सुबह-शाम की हल्की ठंड और दिन में गर्मी के कारण बीमारियों ने भी लोगों को गिरफ्त में लेना शुरू किया है। सर्द गर्म और बेतरतीब खाने से उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ने लगता है। जिससे लोगों को सर्दी, जुकाम और बुखार चपेट में ले लेता है। वर्तमान में ऐसे रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। गर्मी का मौसम शुरू होते ही पीलिया और डायरिया भी लोगों को पीड़ित करने लगते हैं। ऐसे मरीज भी अब चिकित्सकों की ओपीडी तक पहुंचने लगे हैं। जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल सर्दी, खांसी और बुखार के मरीज ही ज्यादा ओपीडी में आ रहे हैं। लेकिन कुछ मरीज पीलिया और डायरिया के भी पहुंच रहे हैं। जिनकी जांच कर उचित दवा दी जा रही है।
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जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजिशियन डा. राजनाथ ने बताया कि ओपीडी में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है लेकिन पीलिया और डायरिया के मरीज कम आ रहे हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही इनकी संख्या में इजाफा हो सकता है। उन्होंने बताया कि डायरिया और पीलिया जैसी गंभीर बीमारी बचने से लोगों को अपने आसपास साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। भोजन करने से पहले हाथ को साबुन से अच्छी तरह से धोएं। अगर दस्त ज्यादा होती है तो ओआरएस का घोल लेने के साथ तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें। भोजन कम करें और पानी का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें। पीने के पानी को उबालकर पीएं। ज्यादातर उबली चीजों का प्रयोग करें। तली-भुनी चीजों के प्रयोग से दूर रहें।