भारत के पूर्व राष्ट्रपति स्व. ज्ञानी जैल सिंह की जयंती रविवार को पूर्वांचल जनमोर्चा और अखिल भारतीय विश्वकर्मा महासभा के संयुक्त तत्वावधान में कलेक्ट्रेट कचहरी स्थित रिक्शा स्टैंट पर धूमधाम से मनाई गई। उपस्थित लोगों ने सर्वप्रथम उनके चित्र पर माल्यार्पण किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दीवानी बार एसोसिएशन के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष बेलाल अहमद बेग ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति एक गरीब घर पैदा हुए थे। उन्होंने अपने संघर्षो की बदौलत मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और भारत के राष्ट्रपति रहे। उनका राजनैतिक संघर्षमय जीवन आम नागरिकों के लिए अनुकरणीय है। इंजीनियर राम नरायन शर्मा ने पूर्व राष्ट्रपति को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और महान देश भक्त बताया। पूर्व मंत्री दलसिंगार यादव ने उनके पद चिन्हों पर चलने का आहवान किया। पूर्वांचल जनमोर्चा के अध्यक्ष शिव मोहन शिल्पकार ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति दबे-कुचले और गरीबों के मार्ग दर्शक थे। इस दौरान गरीबों को कंबल का वितरण किया गया। इस अवसर पर संतलाल विश्वकर्मा, राजेश विश्वकर्मा, पद्माकर लाल वर्मा, दिनेश विश्वकर्मा, वीरेंद्र विश्वकर्मा, बीडी कुमार, संगीता गौतम, उर्मिला प्रजापति, विमला, पुष्पा सरोज, शंकर गोंड, इंद्रजीत विश्वकर्मा सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।