गड़ी तहसील के बगल के मकानों में घुसा पानी ।
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लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल में एक बार फिर से घाघरा अपना रौद्र रूप धारण करती जा रही है। नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। नदी में फिर तीन लाख 88 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिसके कारण देवारा क्षेत्र के जिन 80 गांवों के संपर्क मार्गों से हटा बाढ़ का पानी फिर से रास्तों पर जमा हो गया है।
बुधवार नाले पर बुधवार की शाम नदी का जलस्तर 72.04 मीटर दर्ज किया गया था। जो गुरुवार की शाम 28 सेमी बढ़कर 72.32 मीटर पर आ गया। यहां पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदू 71.68 मीटर से 34 सेमी अधिक है। वहीं डिघिया नाले पर बुधवार की शाम नदी का जलस्तर 71.08 मीटर दर्ज किया गया था। जो गुरुवार की शाम 28 सेमी बढ़कर 71.44 मीटर पर पहुंच गया। यहां पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदू 70.40 मीटर से 104 सेमी अधिक है। महुला से गढ़वल तक बांध की लंबाई 42किमी है। घाघरा नदी और बंधे के बीच में कुल 103000 की आबादी, 24000 पशु 70000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैला हुआ है। मुरली का पुरवा द्वारा खास राजा का अस्तित्व समाप्त हो गया है । रौद्र रुप से 80 राजस्व गांवों के संपर्क मार्ग पानी में डूबे गए हैं। तहसीलदार सगड़ी बृजेंद्र उपाध्याय ने बताया कि विस्थापितों के लिए कुल 65 आश्रय स्थल बनाए गए हैं । महुला से गढ़वल तक जो बंधे के दक्षिण तरफ विद्यालय को रैन बसेरा बनाया गया है। चिकनिहवा स्कूल जहां पर लोग विस्थापित हुए थे । कुछ लोग बंधे पर शरण लिए हुए हैं जिनको पन्नी दी गई है। उनको राहत पैकेट भी दिया गया है । 6400 लोगों को राहत पैकेट दिया जा रहा है।