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राष्ट्रीय लोक अदालत में 24,599 वादों का हुआ निस्तारण

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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दीवानी न्यायालय के तत्वावधान में शनिवार को न्यायालय परिसर में जनपद न्यायाधीश दिनेश कुमार की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें कुल 24,599 वादों का निस्तारण किया गया।
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लोक अदालत का उद्घाट न्यायालय के हाल आफ जस्टिस में जनपद न्यायाधीश दिनेश चंद और प्रधान पारिवारिक न्यायाधीश लालता प्रसाद ने सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। इसके बाद अदालत के पीठासीन अधिकारी लक्ष्य के सापेक्ष मुकदमे के निस्तारण में जुट गए। विधिक सेवा के सचिव अनीता बताया कि जनपद न्यायाधीश दिनेश चंद की अदालत से कुल 36 मुकदमों, प्रधान पारिवारिक न्यायाधीश लालता प्रसाद की अदालत 67 मुकदमों का निस्तारण किया गया। वही दूसरी तरफ मोटर दुर्घटना अभिकरण से 30 वादों का निस्तारण हुआ। अपर जिला सत्र न्यायाधीश भगवान दयाल भारती की अदालत से दो, विशेष न्यायाधीश एसटीएससी शिवचंद की अदालत से 10,अपर जिला जज ओम प्रकाश वर्मा, नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत द्वारा कुल पांच वादों का निस्तारण किया गया। इसी क्रम बैंकों तथा बीएसएनएल द्वारा प्री लिटिगेशन से संबंधित वादों में 39744161 रुपये का समझौता किया गया।
दीवानी न्यायालय के हाल हाफ जस्टिस में राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन करते हुए जिला जज दिनेश चंद ने कहा कि लोक अदालत सुलह-समझौते का एक सशक्त माध्यम है। इसमें वे मामले निस्तारित होते है जिसमें किसी पक्ष की हार और जीत नहीं होती है। इससे निस्तारित हुए मामले दोनों पक्षों द्वारा मान्य होते है। ऐसी अदालतों से मुकदमों का निस्तारण तो समाप्त होता ही है, दोनों पक्षों में प्रेम और समरसता की भावना भी पैदा होती है। कार्यक्रम का संचालन विधिक सेवा की सचिव अनीता ने किया।
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