आजमगढ़। रक्षाबंधन पर रोडवेज ने बहनों के लिए 24 घंटे तक फ्री में सफर कराया था। इस दौरान 23897 महिलाओं को लाखों रुपये के शून्य बैलेंस से टिकट जारी किए गए। जबकि इस दौरान पुरुषों ने भी सफर किया। हालांकि यात्रियों की संख्या को देखते हुए बसें बढ़ी थी लेकिन भीड़ के आगे वह भी नाकाफी साबित हुई थीं।
रोडवेज की बसों में भीड़ अधिक होने से कोविड-19 के नियमों का भी पालन नहीं हो सका था। रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री ने बहनों को मुफ्त सफर कराने का तोहफा दिया था। इससे महिलाओं को आसानी से आवागमन की सुविधा हो सके। परिवहन निगम की ओर से 21 की रात से 22 अगस्त की रात तक महिलाओं को शून्य बैलेंस के टिकट जारी करने के निर्देश दिए गए थे। रक्षाबंधन के दिन 23897 महिलाओं ने बसों से सफर किया। इससे रोडवेज की ओर से इन महिलाओं को 23 लाख 90 हजार 778 रुपये के टिकट शून्य बैलेंस से जारी किए गए। हालांकि रोडवेज बसों की दयनीय स्थित होने के कारण रक्षाबंधन के दिन लोगों को बस से सफर करने में काफी दिक्कत हुई थी।
प्रभारी आरएम वीके सिंह ने बताया कि रक्षाबंधन को लेकर बसों को पहले ही तैयार कर लिया गया था। इसके अलावा यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए सभी प्रयास किए गए थे।