बृजलाल निषाद का पैसा दो किश्तो में 1.3 लाख व 2.10 लाख रुपये जमा हुआ था। शेष छह लाख रुपये बृजलाल ने तीन बार में नकद दिया। इसके बाद सुनील ने सितंबर 2020 में उसे ट्रेनिंग के नाम पर कोलकाता के निहाठी में रखा। बिहार प्रांत के छपरा में रेलवे के अस्पताल में कुछ दिन काम कराया। बाद में ग्रुप सी के पद टीसी का प्रमाणित आईकार्ड उपलब्ध कराया गया।
इसके बाद 14 अप्रैल 2021 डाक के माध्यम से ज्वाइनिंग लेटर प्राप्त कराया गया। ज्वाइनिंग लेटर लेकर जब वह काम के स्थल पर पहुंचा तो उसे अपने साथ ठगी होने का पता चला। पीड़ित ने थाने पर तहरीर दिया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जब उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और न्यायालय के आदेश में शनिवार को धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया।