परिवहन मंत्री ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि डग्गामार बसें परिवहन विभाग को भारी चपत लगा रही हैं। उन्हें रोक लगाने के लिए एआरटीओ व आरटीओ को निर्देशित किया गया है। यदि इसके बाद भी सुधार नहीं होता रोडवेज के आसपास डग्गामार बसों का संचालन होता पाया गया तो संबंधित क्षेत्रीय एआरटीओ व आरटीओ को सस्पेंड किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि रोडवेज की बसों में आ रही खामियों को जल्द ही दूर किया जाएगा। जिससे यात्रियों का सफर सुहाना हो सके। इस अवसर पर भाजपा नेता अखिलेश मिश्र ‘गुड्डू’, राकेश सिंह, अनुराग सिंह, मोनू विश्वकर्मा समेत अन्य कार्यकर्ता व रोडवेज के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह रोडवेज परिसर का निरीक्षण कर रहे थे। इस दौरान एक महिला अपने परिवार के साथ गाजीपुर बस के लिए इंतजार कर रही थी। परिवहन मंत्री की नजर उस पर पड़ी तो उन्होंने महिला से बात की। तो उसने पूरी जानकारी दी। महिला का कहना था कि वह 3.30 बजे से ही गाजीपुर बस के लिए इंतजार कर रही है।
इंतजार करते-करते 5.25 बजे हैं लेकिन अभी तक कोई बस नहीं आई है। परिवहन मंत्री ने आरएम वीके सिंह से पूछा तो वह अपनी खामियां छिपाने लगे। मंत्री ने जब आरएम से बस आने का समय पूछा तो आरएम ने कहा चार बजे बस आएगी। जबकि 5.25 बज चुके थे।
रोडवेज परिसर में खड़ी महिलाएं धूप से परेशान थीं। जिसे देख परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने आरएम को रोडवेज परिसर में महिलाओं के लिए प्रतीक्षालय बनवाने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुविधा का विशेष ध्यान दिया जाए। ताकि उन्हें किसी प्रकार की समस्याएं नहीं आए।
सेवानिवृत्त कर्मचारी ने शोषण का लगाया आरोप
आरएम कार्यालय में तैनात रह चुके सेवानिवृत्त कर्मचारी ने आरएम पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि रोडवेज की बसों में यदि कोई समस्या आती है तो उसे बनवाने के लिए चालक व परिचालक से पैसा लिया जाता है। न देने पर ड्यूटी से गैरहाजिर करने की धमकी देते हैं। इस भय से चालक व परिचालक अपनी जेब से पैसा लगाकर उस खामी को ठीक कराते हैं। ज
बकि उसका बिल लगाकर भुगतान किया जाता है। धनराशि पास होने पर वह पैसा अधिकारी खा जाते हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारी ने आरोप लगाया कि पिछले कई साल से आरएम व एआरएम आजमगढ़ रीजनल में ही जमे हुए हैं। उनका स्थानांतरण न होने से वह बड़े-बड़े घोटाले करते हैं।