आजमगढ़। जिला महिला अस्पताल की स्थिति बद से बदतर हो चुकी है। मंगलवार की रात अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही के चलते दो महिलाओं को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। एक की जहां डिलेवरी के पूर्व इंजेक्शन लगने के बाद मौत हो गई तो दूसरी ने बच्ची को जन्म देने के बाद दम तोड़ दिया। एक घंटे के अंदर दो महिलाओं की मौत से मौजूद लोग आक्रोशित हो उठे और देर रात तक अस्पताल में हंगामा किया। शहर के एलवल मुहल्ले की 32 वर्षीया शीला विश्वकर्मा पत्नी गप्पू विश्वकर्मा मंगलवार की देर शाम साढ़े सात बजे डिलेवरी पेन होने पर महिला अस्पताल पहुंची। उस समय उसे तेज बुखार था। डॉ. असलम ने उसे देखा और इंजेक्शन लगाने की बात कही। इंजेक्शन लगने के बाद शीला की हालत बिगड़ने लगी और साढ़े नौ बजे के लगभग उसके मुंह से झाग आने लगा। वह बेड पर तड़पती रही और फिर कोई डॉक्टर देखने के लिए नहीं पहुंचा। परिजनों द्वारा हंगामा शुरू करने पर डॉ. असलम आए तो हार्ट अटैक की बात कह कर उसे कहीं और ले जाने की सलाह परिजनों को देकर अपना पल्ला झाड़ लिया। परिजनों का आरोप है कि शीला को मौत हो चुकी थी और डॉ. असलम सिर्फ उसे रेफर करने की कवायद में ही जुटे रहे। साढ़े दस बजे के लगभग जब नारी शक्ति संस्थान की डॉ. पूनम तिवारी (प्राइवेट डॉक्टर) अस्पताल पर पहुंची तो उन्होंने चेक करने के बाद महिला को मृत घोषित किया। अस्पतािल के डॉक्टर परिजनों के आक्रोश को देखते हुए महिला को मृत भी घोषित नही कर रहे थे। इस बीच पुलिस भी पहुंच गयी और परिजनों को समझा बुझा कर शांत कराते हुए शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अभी शीला का प्रकरण शांत भी नहीं हुआ था कि अस्पताल में भर्ती कंधरापुर थाना क्षेत्र के माखनपुर गांव निवासिनी माधुरी सिंह पत्नी वीरू सिंह ने भी अस्पताल के बेड पर ही दम तोड़ दिया। इसके परिजनों का भी आरोप है कि सोमवार-मंगलवार की देर रात बेटी को जन्म दिया। बेटी को जन्म देने के बाद से ही उसकी हालत खराब थी। मंगलवार को सुबह से ही उसे दस्त हो रही थी, लेकिन कोई डॉक्टर देखने नहीं आया। रात 11:50 पर उसने में भी दम तोड़ दिया।
शीला विश्वकर्मा की मौत हार्टअटैक से हुई है और माधुरी सिंह को डिलेवरी के बाद लूज मोशन हो गया था। दोनों मामलों में मौत का स्पष्ट कारण कह पाना तो संभव नहीं है। शीला विश्वकर्मा के परिजन बॉडी पीएम में ले गए है और पीएम के बाद कारण स्पष्ट हो पाएगा। जहां तक अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही की बात है तो आरोप गलत है। मौके पर मौजूद डॉक्टर और अन्य स्टाफ ने किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही नहीं बरती है। डॉ. अमिता अग्रवाल, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल, आजमगढ़।
मरीज जब अस्पताल आयी थी तो सब नार्मल था। उसने तेज बुखार की शिकायत थी, जिस पर इंजेक्शन लगाने की मैने बात कही। कुछ देर बाद उसके मुंह से झाग आने लगा और शरीर ऐंठने लगा। सूचना पर मैं मौके पर आया तो वह बेहोश सी हो चुकी थी। देखने पर यही लग रहा था कि उसे हार्ट अटैक आया है, जिस पर मैंने परिजनों से कहा कि महिला को किसी कार्डियोलाजिस्ट को दिखाए और रेफर पर्ची आदि बना कर उन्हें दे दिया। एक घंटे तक परिजन उसे डॉक्टर के पास नहीं ले गए, जिससे उसकी मौत हो गई।
डॉ. असलम, स्त्री रोग विशेषज्ञ, महिला अस्पताल, आजमगढ़।
अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप
आजमगढ़। एक घंटे के अंदर ही अस्पताल के बेड पर मृत दोनों महिलाओं के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों का कहना था कि डॉक्टर यदि ठीक से मरीजों को देखते तो शायद यह घटना नहीं घटी होती। मरीज बेड पर तड़पता रहा और अस्पताल के डाक्टर और नर्स ने ध्यान नहीं दिया। बार-बार बुलाने और मरीज के हालत की जानकारी देने के बाद भी डॉक्टर मौके पर नहीं आए और आए भी तो तब जब मरीजों ने दम तोड़ दिया।
तहरीर के लिए पीएम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे परिजन
आजमगढ़। परिजनों के आरोप के आधार पर पुलिस ने डॉक्टरों की लापरवाही के चलते मृत हुई एलवल मुहल्ला निवासिनी शीला विश्वकर्मा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों ने अभी कोई तहरीर नहीं दी है। परिजनों को पीएम रिपोर्ट का इंतजार है, उसके बाद ही थाने पर कोई तहरीर दी जाएगी। वहीं सीओ सिटी अजय यादव ने बताया कि फिलहाल कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर मुकदमा पंजीकृत कर कार्रवाई की जायेगी।