आजमगढ़। मासूम बच्चों के जीवन से बेसिक शिक्षा विभाग खिलवाड़ कर रहा है। जर्जर हो चुके विद्यालय भवन के ध्वस्तीकरण कराने के बजाय बेसिक शिक्षा विभाग उसके खुद ही ढहने का इंतजार कर रहा है। जिसके चलते कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। 25 जुलाई 2016 को जर्जर भवन के एक कक्ष का छत खुद ब खुद जमीदोज हो चुका है और भवन की दीवार बगल में स्थित रास्ते के तरफ झुक गयी। इसके बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग मौन साधे हुए है। हम बात कर रहे हैं शहर के दलसिंगार मुहल्ला स्थित गंगा राय जूनियर हाई स्कूल की। जिसमें विद्यार्थी इस समय जान जोखिम में डाल कर पढ़ने को विवश हो रहे हैं।
बता दें कि यह विद्यालय काफी पुराना है। इसका एक हिस्सा वर्षों पूर्व जर्जर घोषित हो चुका है। पठन-पाठन का कार्य नये बने कमरों में कराया जाता है। विद्यालय के पुराने जर्जर भवन को ध्वस्त करा दिया जाना चाहिए था, लेकिन विभाग अब तक इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। जुलाई 2016 में बरसात के दौरान जर्जर भवन के एक कक्ष का छत ढह भी चुका है और उसकी दीवार बगल से गुजरी सार्वजनिक गली की तरफ झुक भी गई है। कई बार इस जर्जर भवन को ध्वस्त कराने की मांग विद्यालय के शिक्षक और स्थानीय लोग कर चुके हैं, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग ने अब तक इसे गिराये जाने की कवायद नहीं की। लगता है विभाग को किसी बड़े हादसे का इंतजार है। क्योंकि यदि गली के तरफ लटकी दीवार गिरी तो रास्ते से गुजरने वाले लोग घायल हो सकते हैं। वहीं विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की क्लास भले ही नये भवन में चलती हो, लेकिन खेलने कूदने के दौरान वे जर्जर भवन के अगल-बगल पहुंच जाते हैं। विद्यालयक प्रधानाध्यापक और शिक्षकों की माने तो कई बार जर्जर भवन के ध्वस्तीकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को लिखित रूप से दिया जा चुका है।
विद्यालय के जर्जर भवन को जमीदोज कराने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग को पत्र लिखा जा चुका है। वहां से अनुमति और बजट उपलब्ध हो तो जर्जर भवन को जमीदोज करा दिया जाये। विद्यालय के पास स्वयं का ऐसा कोई फंड नहीं होता कि वह उससे जर्जर भवन को गिराये। वैसे सतर्कता की दृष्टि से विद्यालय के प्रधानाध्यापक और शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे इस बात का विशेष ख्याल रखे की कोई भी बच्चा जर्जर भवन की तरफ न जाने पाये। पूरा प्रयास है कि जल्द से जल्द जर्जर भवन को जमीदोज करा दिया जाये, ताकि कोई हादसा न होने पाये।
महेंद्र प्रसाद, नगर शिक्षाधिकारी, आजमगढ़।