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दुष्कर्म के दोषी को दस वर्ष की कैद

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आजमगढ़। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट धीरेंद्र कुमार की अदालत ने गुरुवार को दुष्कर्म जुर्म मेंएक आरोपी को दोषी पाते हुए दस वर्ष की कैद की सजा सुनाई। साथ ही 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। घटना फूलपुर थाना के सतुवहिया गांव की है। मुकदमे में आरोप है कि सतुवहिया गांव निवासी रिजवान उर्फ गोरे घटना के दिन पीड़िता के घर में घुसा, छेडख़ानी की। विरोध करने पर असलहे से आतंकित कर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस मामले में अदालत के आदेश पर आरोपी के विरुद्ध 12 जनवरी 2015 को भादवी की धारा 376, 504, 506 के तहत स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से कुल चार गवाहों को परीक्षित कराया गया। अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष के तर्को को सुनने के बाद नामजद दुष्कर्मी रिजवान उर्फ गोरे को दोषी पाते हुए उक्त सजा का निर्धारण किया।
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दो सगे भाइयों को तीन वर्ष की कैद
आजमगढ़। मारपीट के आरोपी दो सगे भाइयों को अदालत ने दोषी पाते हुए तीन वर्ष कैद की सजा सुनाई। साथ ही चार-चार हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। गुरुवार को यह सजा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार सिंह की अदालत ने सुनाई। घटना मुबारकपुर थाना क्षेत्र की है। इस मामले में बनिया कल्यानपुर निवासी श्याम सुंदर पुत्र नौमी हरिजन ने 10 मार्च 1991 को स्थानीय थाने में गांव के दो आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में आरोप है कि घटना की सुबह लगभग सात बजे शौच करने गांव के सिवान में निकला था। पुरानी रंजिश को लेकर गांव के जांनशू यादव और सुरेंद्र यादव पुत्रगण बालेदीन लाठी डंडा से उसे बुरी तरह से मारेपीटे। इस मामले में मुबारकपुर थाना पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। इस मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से इस मुकदमे के वादी समेत कुल पांच गवाहों को परीक्षित कराया गया। अदालत ने उभय पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद दोनों आरोपियों को दोषी पाते हुए उक्त सजा का निर्धारण किया।
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