आजमगढ़। जनपद न्यायाधीश/ अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण साधना रानी ठाकुर के निर्देश पर गुरुवार को मंडल कारागार में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा के सचिव रामेंद्र कुमार ने कारागार बंदियों को कानूनी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी कैदियों को अपने मामले में बचाव करने का अधिकार प्राप्त है। यदि किसी कैदी के पास स्वयं का कोई अधिवक्ता नहीं है अथवा वह स्वयं अधिवक्ता नियुक्त करने में अक्षम है तो उसे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि जो कैदी अपने किए गए अपराध में आधी सजा काट चुके है वे जमानत पर छूटने के अधिकारी है। इसी प्रकार मजिस्टेट न्यायालयों में विचारणीय मामले में जो अजमानतीय प्रकार के है, यदि विचारण प्रारंभ होने के 60 दिन के भीतर विचारण पूर्ण नहीं होता है तो वह जमानत प्राप्त करने का अधिकारी है। यह भी कहा कि अब कोई भी कैदी बिना परैवी के जेल में निरुद्ध नहीं रहेगा। इस अवसर पर जेल के वरिष्ठ अधीक्षक अनिल कुमार गौतम और अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।