आजमगढ़। उप निदेशक कृषि आरके मौर्य ने बताया कि किसान पाठशाला के पांचवें दिन किसानों को फसल सुरक्षा, आईपीएम, कीट रोग नियंत्रण सहभागी फसल निगरानी एवं निदान प्रणाली, किसान पारदर्शी सेवा योजना और डीबीटी के बारे में कृषकों को जानकारी दी गई। साथ ही किसानों को कीटरोग प्रबंधन के लिए एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन अपनाने के लिए कहा गया।
कृषि निदेशालय कृषि रक्षा अनुभाग ने किसानों द्वारा प्रेषित कीट रोग संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए जनपदों के कृषि रक्षा अधिकारी अपने लॉग-इन से प्राप्त करते हुए 48 घंटे में संबंधित किसान को एसएमएस के माध्यम से भेजा जाता है। पंजीकृत कृषकों को फसलों के बीज, कृषि रक्षा रसायन, कृषि यंत्र या अन्य सुविधाओं का अनुदान सीधे उनके खातों में प्रेषित कर दिया जाता है। शनिवार को पाठशाला के पांचवें दिन किसानों से पाठशाला संचालन के संबंध में फीडबैक भी प्राप्त किया गया। जिसमें किसानों ने घुमंतू पशुओं आदि से संबंधित समस्याओं को सामने रखा। इसके लिए उन्हें आवश्यक जानकारियां दी गई।