आजमगढ़। 17 सूत्री मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एसोसिएशन का धरना गुरुवार को 25वें दिन भी जारी रहा। वक्ताओं ने कहा कि अधिकारी हमारे वेतन से कटौती की साजिश रच रहे हैं। प्रशासन परेशान करेगा तो ईंट का जबाव पत्थर से देंगे।
जिलाध्यक्ष सीमा यादव ने कहा कि बेमियादी धरने से हमारी ताकत का अंदाजा शासन को लग गया है। एक तरफ सरकार वार्तालाप के जरिये समस्याओं के निस्तारण की बात कह रही है, दूसरी तरफ इन्हीं के अधिकारी हमारे वेतन कटौती करने की साजिश रच रहे हैं। मुख्यमंत्री ने हमारी समस्याओं पर सकरात्मक पहल किया है। जैसे ही समस्याओं का निस्तारण होता है धरना समाप्त हो जाएगा। 15 अक्टूबर को वजन दिवस और मिशन इन्द्रधनुष को लेकर जिला प्रशासन आंगनबाडी़ और सहायिकाओं को परेशान कर रहा है। धरने की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सीमा यादव व संचालन महामंत्री लक्ष्मी सिंह ने किया। धरने में सर्वेश यादव, माधुरी चौरसिया, ऊषा देवी, सुमन सिंह, कंचन यादव, सुनंदा, लक्ष्मीण गौंड़, शिवकुमारी, सुशीला मौर्य, मीना देवी, सरोज पाल मौजूद रही।
आशा बहुओं से किया वादा भूल गई सरकार
आजमगढ़। राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने और वेतन की मांग को लेकर आशा बहू कल्याण समिति का अंबेडकर पार्क में चल रहा धरना गुरुवार को छठवें दिन भी जारी रहा। वक्ताओं ने कहा कि भाजपा की प्रदेश सरकार ने चुनाव से पूर्व आशा बहुओं को राज्य कर्मचारी घोषित किए जाने और वेतन दिए जाने का वादा किया था वह भूल गई।
समिति की उपाध्यक्ष मीनू भारती ने कहा कि आशा बहूएं अपनी नियुक्ति की तिथि से लेकर आज तक काम करती चली आ रही है। वेतन के नाम पर एक भी रुपया नहीं दिया गया। केवल कार्य का कमीशन मिलता रहा है। उन्होंने सरकार से राज्य कर्मचाी का दर्जा दिए जाने और वेतन दिए जाने की मांग की। धरने में आशा, उषा, शकुंतला, मंजू पांडेय, निर्मला सिंह, इसरावती, रीता यादव, रीता देवी, भानूमति, मुन्नी देवी सहित अनेक आशा बहूएं शामिल रही। ब्यूरो