लाटघाट। सगड़ी तहसील क्षेत्र के उत्तर बहने वाली घाघरा नदी ने घटने के साथ ही तटवर्ती क्षेत्र में कटान तेज कर दिया है। हरैया ब्लाक के देवारा खास राजा गांव का त्रिलोकी का पुरवा घाघरा की कटान की जद में है। रोजाना 15 बीघे किसानों का खेत घाघरा के कटान की भेंट चढ़ रहा है। कटान से ग्रामीणों में दहशत है।
घाघरा का जलस्तर तेजी से घटने के बाद ग्रामीणों ने भले ही राहत की सांस ली हो, लेकिन अब कटान उन्हें बेचैन कर रखा है। बता दें कि घाघरा अब घटने लगी है और कटान तेज हो गया है। घाघरा प्रतिदिन देवारा खास राजा गांव की तकरीबन 15 बीघा जमीन काट रही है। विगत वर्ष 2013 में देवारा खास राजा गांव के रमई के पुरवा का अस्तित्व समाप्त हो गया था। वर्ष 2016-17 में देवारा खास राजा गांव के ही मुराली के पुरवा के 14 घर भी घाघरा की धारा में विलीन हो गए थे। अब त्रिलोकी के पुरवा से 125 मीटर दूरी पर स्थित घाघरा की लहरे घरों को अपने में समा को आतुर है। इससे ग्रामीणों में दहशत है। घाघरा की धारा अब तक त्रिलोकी के पुरवा के तिलोकी के पुरवा के श्रीकांत, लालचंद, संजय, राजेंद्र, महेंद्र, बीरबल, रामनिवास, फूलचंद, मुंशी, रामप्रकाश, कतवारू, रामरक्षा के घर घाघरा के निशाने पर हैं। घाघरा कब इनके घर अपने में समा लेगी, इसे लेकर ग्रामीणों में दहशत है। रातभर जागकर ये लोग बीता रहे हैं। तहसीलदार सगड़ी पीके राय ने बताया कि घाघरा की कटान से हो रहे नुकसान के लिए स्थानीय लेखपाल को जांच के लिए लगाया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने पर पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा।