अतरौलिया। प्रधान सहित जेई और ग्राम पंचायत अधिकारी पर दर्ज मुकदमे के विरोध में बुधवार को प्रधानों ने अतरौलिया ब्लाक कार्यालय में तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। बाद में ज्ञापन उपजिलाधिकारी बूढ़नपुर को सौंपा।
26 अगस्त को प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार प्रथम ने अतरौलिया विकासखंड के गनपतपुर ग्राम सभा का निरीक्षण किया था। जिसमें गांव में विकास कार्यों में अनियमितता पाने पर ग्राम प्रधान पूनम विश्वकर्मा, नरेगा जेई राजेश्वर सिंह तथा ग्राम पंचायत अधिकारी वकील अहमद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया। इस पर विगत आठ सितंबर को तीनों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हो गया। इसे लेकर अतरौलिया प्रधान संघ आंदोलित हो गया।
बुधवार की सुबह 11 बजे ग्राम प्रधानों ने अतरौलिया ब्लाक कार्यालय में तालाबंदी करते हुए कर्मचारियों को अंदर जाने से रोक दिया और खंड विकास कार्यालय के गेट पर बैठ करके धरने पर बैठ गए। प्रधान इधर धरने पर बैठे तो उधर ग्राम प्रधान गनपतपुर पूनम विश्वकर्मा के जेष्ठ हरिराम विश्वकर्मा को पुलिस उठाकर थाने पर लाई है तो ग्राम प्रधानों द्वारा थाने पर पहुंचकर हंगामा करने लगे। थाना प्रभारी निरीक्षक शिशिर त्रिवेदी ने प्रधानों को समझा-बुझाकर शांत किया। इस दौरान मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी बूढ़नपुर इंद्रभान तिवारी और क्षेत्राधिकारी श्याम नारायण को ज्ञापन सौंपा। ग्राम प्रधानों का आरोप था कि जिस कार्य को कराने में तीन लोगों के ऊपर खंड विकास अधिकारी द्वारा मुकदमा दर्ज कराया गया है, उसी कार्य का भुगतान खंड विकास अधिकारी तथा कार्यालय के बड़े बाबू का भी हस्ताक्षर हुआ है। इनको बचाने के लिए इन्हीं के द्वारा ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी तथा जेई के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिया गया। इनके ऊपर भी मुकदमा दर्ज होना चाहिए। प्रदर्शन करने वालों में चंद्रशेखर सिंह, रामहित यादव, गुड्डू सिंह, दिनेश सिंह, सुरेश मौर्या, अमरनाथ वर्मा, अजय यादव, राधेश्याम राजभर, राणा प्रताप सिंह, महेंद्र कनौजिया आदि प्रधान मौजूद थे।