आजमगढ़। खुले में शौच मुक्ति के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में ओडीएफ बोर्ड स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही मुख्य स्थान पर आदर्श शौचालय और वर्मी कंपोस्ट पिट का माडल बनाया जाएगा। पांच मुख्य स्थानों पर स्वच्छता और खुले में सौच मुक्ति को लेकर वाल पेंटिंग भी की जाएगी। ये सभी कार्य आईईसी के तहत कराए जाएंगे। इसके बाद में मिशन निदेश आकाशदीप ने सभी जिलाधिकारी को निर्देशित किया है। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत पात्र लोगों के शौचालय बनवाने के साथ ही आईईसी मद से ग्रामीणों को जागरूक करने का भी प्रावधान है। इसके लिए 2014-15 से लेकर अब तक शासन की ओर से लगभग 13.50 करोड़ जारी किए गए हैं। इसमें अभी काफी धनराशि बची हुई है। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के मिशन निदेश आकाशदीप ने इस फंड से खुले में शौच मुक्ति की स्थिरता के लिए गांवों में कई गतिविधियां कराने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत प्रत्येक गांव में ओडीएफ बोर्ड की स्थापना की जाएगी। इसमें ओडीएफ की स्थिति और स्वच्छता के लिए क्या करें और क्या न करें प्रदर्शित किया जाएगा। प्रत्येक गराम पंचायत के मुख्या स्थान पर दो गड्ढे वाले आदर्श शौचालयों का माडल बनाया जाएगा। इसके साथ ही शौचालय के मानक और डिजाइन के संबंध में एक डिस्प्ले बोर्ड स्थापित किया जाएगा। इसमें सभी मानकों की जानकारी दी जाएगी। गांव के मुख्य स्थान पर वर्मी कंपोस्ट पिट के माडल का निर्माण भी किया जाएगा। पांच मुक्य स्थानों पर स्वच्छता के संबंध में वाल राइटिंग कराई जाएगी। शौचालय युक्त घरों में स्वच्छता से संबंधित संदेशों के स्टीकर लगाए जाएंगे। इन सभी कार्यों को 31 दिसंबर तक पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही 15 जनवरी तक आनलाइन एंट्री कराने को भी कहा गया है।
शासन की ओर से प्रत्येक ग्राम पंचायत में आदर्श शौचालय और वर्मी कंपोस्ट पिट का माडल बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही ओडीएफ बोर्ड स्थापित कराने और पांच मुख्य स्थानों पर वाल पेंटिंग कराने को कहा गया है। सभी कार्य आईईसी के तहत कराए जाएंगे।
आनंद प्रकाश श्रीवास्तव, डीपीआरओ