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मुलायम के गोद लिए गांव की दुग्ध डेरी हुई बंद

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पल्हनी। सदर सीट से सांसद व समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के गोद लिए गांव में स्थापित डेयरी बंद हो गई है। डेयरी के बंद हो जाने के बाद बकाया भुगतान को लेकर डेयरी पर दुध उपलब्ध कराने वाले पशुपालक इधर-उधर भटकने को मजबूर है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्राजेक्टर सांसद आदर्श गांव योजना के तहत आजमगढ़ सदर सीट से सपा सांसद मुलायम सिंह यादव ने तमौली गांव को गोद लिया लिया था। उस समय प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। जिसके चलते प्रदेश सरकार ने मुलायम के गांव में विकास कार्य जोरों पर कराया। इसके तहत ही साढ़े आठ लाख की लागत से गांव में पराग दूध सहकारी समिति के तहत डेयरी भी खोली गई थी। जहां पशु पालकों से 30 रुपये प्रति किग्रा की दर से दुग्ध की खरीद की जाती थी। पशुपालकों को डेयरी पर कम मूल्य मिलता था लेकिन भागदौड़ नहीं करनी पड़ती थी, जिसके चलते ही गांव के पशुपालक अपना दुध डेयरी पर उपलब्ध कराते थे।
2017 के विस चुनाव के बाद सत्ता परिवर्तन हुआ और इसके बाद मुलायम के गांव की डेयरी बंद हो गई। यहां तैनात कर्मचारी डेयरी पर ताला बंद कर गायब हो गए। डेयरी को बंद हुए डेढ़ साल का समय बीत गया है और यहां दुध देने वाले पशुपालक आज भी अपने बकाया भुगतान को लेकर भटक रहे है। ग्राम पंचायत तमौली के प्रधान ने नामवर यादव ने बताया कि गांव में खोली गई दुग्ध डेयरी से पशुपालकों को फायदा हुआ था। वे आसानी से अपना दुध बेच ले रहे थे, लेकिन डेयरी के बंद हो जाने से पशुपालक परेशान है। बकाया भुगतान नहीं मिल रहा है तो वहीं पशुपालकों के समझ अपने ।दुग्ध उत्पादन को बेचने में भी दिक्कत हो रही है। सरकार को चाहिए कि गांव में स्थापित डेयरी का संचालन पूर्व की भांति कराया जाए।
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