कस्बे में सोमवार को लगने वाले ऐतिहासिक मेले की तैयारियां कमेटी की ओर से पूरी कर ली गई हैं। माता के प्रतिमाओं के पट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ शनिवार को ही खोल दिए गए थे। दूरदराज के दुकानदार पहले से ही अपने लिए जगह आरक्षित करने में जुटे हैं।
रानी की सराय का मेला पूर्वांचल में विशिष्ट स्थान रखता है। मेला आजमगढ-वाराणसी मुख्य मार्ग पर लगता है लगभग दो किलोमीटर की परिधि में लगने वाले में मेले की तैयारियां कमेटी की ओर से पूरी कर ली गई हैं। आजाद दल, नवयुवक मंगल दल, सम्राट दल, भारतीय युवक संघ, शक्ति दल, नव युवक संघ आदि 12 पूजा कमेटियों ने दुर्गा प्रतिमा स्थापित कर रखी हैं। शनिवार को ही पूजा कमेटियों ने प्रतिमाओं के पट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए थे। पूजा कमेटियों ने कस्बे की लाइट आदि से सजावट की है।