आजमगढ़। लालगंज तहसील के कालाबाजारी के मामले में उबारपुर-लखमीपुर में कोटेदार और सप्लाई इंस्पेक्टर की शिकायत हुई थी। डीएम ने डीएसओ को स्वयं जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद भी डीएसओ ने इसकी जांच आरोपी सप्लाई इंस्पेक्टर को दे दी। पीड़ित पक्ष ने हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए डीएसओ को तीन माह में मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। लालगंज तहसील के उबारपुर-लखमीपुर निवासी शिव प्रकाश राम ने दो अगस्त को कोटेदार की शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि अंत्योदय कार्ड पर भी मात्र एक लीटर केरोसिन 28-30 रुपये की दर से दिया जा रहा है। अन्त्योदय कार्ड पर 3.5 लीटर और पात्र गृहस्थी पर दो लीटर केरोसिन 26.45 की दर से देने का प्रावधान है। बचे तेल की कालाबाजारी की जा रही है। गेंहू और चावल में भी अतिरिक्त कीमत वसूली जा रही है। सप्लाई इंस्पेक्टर की मिलीभगत से पांच यूनिट पर 25 किग्रा राशन दिया जा रहा है। शासनादेश के विपरीत मृतक आश्रित पर उसके बेटे को कोटा दे दिया गया। शिकायत पर जिलाधिकारी ने डीएसओ देवमणि मिश्रा को स्वयं जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी मामले की जांच क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षण को दे दी गई। उनके ऊपर पहले से ही मिलीभगत के आरोप थे। इस पर शिकायत करने वाले पक्ष ने हाईकोर्ट की शरण ले ली। हाईकोट ने मामले में नाराजगी जताते हुए डीएसओ को स्वयं जांच कर तीन माह में मामले को निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं। डीएसओ देवमणि मिश्रा ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा और निर्देसानुसार जांच की जाएगी।
शिकायत की जांच करने पहुंचे पूर्ति निरीक्षक
मार्टिनगंज। तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत रंगडीह के कोटेदार के खिलाफ ग्रामीणों की शिकायत पर मंगलवार को पूर्ति निरीक्षक गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों के एक-एक बिंदू की जांच की। जांच के बाद उन्होंनें अनियमितता मिलने की बात कही।
संपूर्ण समाधान दिवस पर रंगडीह ग्राम पंचायत के ग्रामीणों द्वारा एसडीएम प्रकाशचंद को ज्ञापन सौंपकर कोटेदार पर राशन वितरण में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया गया था। इस शिकायत की जांच मंगलवार को पूर्ति निरीक्षक मिथिलेश सिंह ने की। जांच के दौरान उन्होंने पाया कि ग्राम पंचायत में 87 अंतोदय कार्ड हैं। कार्ड धारकों ने बताया कि उनको 35 किग्रा खाद्यान्न मिलता है लेकिन उनसे निर्धारित सरकारी मूल्य से अधिक रूपये कोटेदार द्वारा लिया जाता है। इसी के साथ 875 पात्रगृहस्थी कार्डधारक है उनके सापेक्ष 3215 यूनिट पर पात्र गृहस्थी खाद्यान्न का उठान होता हैं। लेकिन कोटेदार द्वारा प्रति यूनिट पांच किग्रा खाद्यान्न कार्डधारकों को न देकर कम मात्रा में दिया जा रहा हैं। पूर्ति निरीक्षक मिथिलेश सिंह का कहना है कि शिकायत की जांच की गई है जांच रिपोर्ट एसडीएम और जिला पूर्ति अधिकारी को भेज दी जाएगी। एसडीएम प्रकाश चंद्र का कहना हैं कि पूर्तिनिरीक्षक द्वारा जांच की गई है जांच रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी।
- अंबुज राय
जनपद में कोटे की तीन दुकानें हुई निरस्त
अनियमितता की जांच के बाद हुई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
आजमगढ़। अनियमितता की शिकायत पर हुई जांच के बाद सत्यता मिलने पर जिला पूर्ति अधिकारी ने जिलाधिकारी के निर्देश पर जनपद में तीन कोटेदारों का कोटा निरस्त कर दिया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से कोटेदारों में हड़कंप मच गया है।
अहरौला विकास खंड के अतरडीहा गांव के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से कोटेदार पर खाद्यान्न वितरण में अनियमितता का आरोप लगाया गया था। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी देवमणि मिश्रा ने ग्रामीणों के शिकायत की जांच कराई। जांच में सत्यता मिलने पर कोटेदार शेषनाथ पांडेय को शोकाज नोटिस जारी किया गया। लेकिन उनके द्वारा संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया जा सका। इस पर जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी ने उनका कोटा निरस्त कर दिया। वहीं फूलपुर विकास खंड के रसावां गांव कोटेदार बांकेलाल के खिलाफ भी ग्रामीणों ने अनियमितता की शिकायत की थी। जांच में शिकायत सत्य मिलने पर कोटे की दुकान को निलंबित कर उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गई। संतोषजनक स्पष्टीकरण न देने के कारण उनका कोटा निरस्त कर दिया गया। वहीं मिर्जापुर विकास खंड के गौसपुर गांव के कोटेदार की शिकायत ग्रामीणों ने भारत सरकार के अनुसचिव से की थी जब वह गांव में पहुंचे थे। अनुसचिव ने जिलाधिकारी को जांच कराने को कहा था। जांच में ग्रामीणों की शिकायत सही पाई गई। इस पर कोटा को निलंबित कर दिया। उनसे भी स्पष्टीकरण मांगा गया लेकिन संतोषजनक जवाब न देने के कारण जिला पूर्ति अधिकारी ने जिलाधिकारी के निर्देश पर कोटा को निरस्त कर दिया।