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लुटे हुए काफिले की याद में अयामे अजा का आखिरी जुलूस निकाला

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निजामाबाद। कर्बला में जंग के बाद लुटे हुए काफिले की याद में अयामे अजा का आखिरी जुलूस शुक्रवार को तहसील के शिवली गांव स्थित उत्तर का पुरा मस्जिद से अल सुबह निकाला गया। इसमें 18 बनी हाशिम जुलजनाह, पांच अमारियां निकाली गईं। अमारियां निकालते समय अजादारों का हुजूूम उमड़ा पड़ा।शुरुआत कुरान पाक की तिलावत से किया गया। इसके बाद क्रमवार जगह-जगह मौलाना मुशीर अब्बास, मौलाना कैसर अब्बास, मौलाना नदीम असगर, मौलाना डा. उरूज जौनपुरी, मौलाना शमीमुल हसन वाराणसी ने मजलिस को खिताब किया। मौलाना ने कहा कि हुसैन इंसानियत का नाम है। इमाम हुसैन अपनी कुर्बानी देकर इस्लाम को बचाया है। जुलूस निजामाबाद-आजमगढ़ रोड पर पहुंचा तो थोड़ी देर के लिए यातायात को रोक दिया गया। रोड पर तकरीर सुनने अजादारों की भीड़ लग गई। पांच रवि अव्वल को प्रतिवर्ष निकाला जाने वाला कदीम जुलूस में जगह-जगह अंजुमन असगरिया सुल्तानपुर, अंजुमन फिरदौसिया सीवान बिहार, अंजुमन सज्जादिया गोपालपुर घोसी, अंजुमन अंसारे हुसैन कदीम मुबारकपुर, अंजुमन सज्जादिया अंबेडकर नगर, स्थानीय अंजुमन सिपाहे मेहंदी शिवली ने गम भरा नौहा पढ़ा। जुलूस के साथ पांच अमारियां, 18 जुलजनाह और हजरत अब्बास का अलम अजादार लेकर चल रहे थे। इसपर सैकड़ों की संख्या में स्त्री और पुरुषों ने फूलमाला चढ़ाकर मन्नते मांगी। जुलूस जब गांव के इमाम बार गाह पर पहुंचा, तो मौलाना नदीम असगर ने जुलूस की आमद कराई। इस दौरान सभी लोग रो पडे। तनवीर रिजवी और अब्बास ब्रर्दस के लोगों ने आभार प्रकट किया। संचालन सैयद जीशान आजमी और सागर आजमी ने संयुक्त रूप से किया। सुरक्षा की दृष्टि से जुलूस के साथ एसआई आरबी यादव के साथ काफी संख्या में पुलिस चल रही थी।
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जुमे के बाद शिया समाज ने किया प्रदर्शन
मुबारकपुर। एक चैनल के पत्रकार की ओर से पैग़ंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब की पत्नी आयशा और बेटी फातिमा पर ट्वीट से की गईआपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर शिया समुदाय ने शुक्रवार को मुबारकपुर के श्याम मोहम्मदपुर जामा मस्जिद में जुमा की नमाज अदा करने के बाद विरोध-प्रदर्शन किया। गिरफ्तारी और कार्रवाई की मांग की गई।विरोध -प्रदर्शन शिया जामा मस्जिद के इमाम जुम्मा इरफान अब्बास के नेतृत्व में किया गया। मौलाना सुल्तान ने कहा कि हमारा देश अनेकता में एकता की मिसाल है। यहां पर हर धर्म और जाति के लोग अपनी सभ्यता, मान्यता और आस्था के हिसाब से रहते हैं। इस्लाम किसी की आस्था को ठेस पहुंचाना लानत समझता है। कुछ ओछी मानसिकता के लोग देश की एकता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश में लगे हैं। एक पत्रकार की ओर से हमारी भावनाओं को आहत किया गया है। पत्रकार को जल्द गिरफ्तारी की मांग की गई। मौलाना हसन अस्करी, कुनैन रजा, मीशम अब्बास, कर्रार हुसैन ने भी संबोधित किया। मौलाना इरफ़ान अब्बास की ओर से थानाध्यक्ष को संबोधित शिकायती प्रार्थना पत्र चौकी प्रभारी कौशल पाठक को सौंपा गया। परवेज आजमी, मासूम आजमी, हसन अब्बास, कुमेल रजा, अली रजा, मुश्ताक खान सहित उपस्थित रहे।
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